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मान के मंत्री की नई पहल: किसानों को पराली न जलाने की दिलाई शपथ, कहा- मिलकर बचाना होगा पर्यावरण
Mon, 18 Sep 2023 05:39 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 18 Sep 2023 05:39 PM IST
सार
मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की पराली प्रबंधन की तकनीक को अपना कर इस समस्या का हल किया जा सकता है।
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पराली न जलाने की शपथ दिलाते मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पंजाब के मंत्री ने पटियाला में एक नई पहल शुरू की है। सोमवार को समाना में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने किसानों को जागरूक किया और पराली न जलाने की शपथ दिलाई।
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जौड़ामाजरा ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। कुछ पैसा बचाने के चक्कर में किसान पराली को खेतों में ही जला देते हैं। यह चलन गलत है, क्योंकि इससे खेतों की उपजाऊ शक्ति तो समाप्त होती ही है, साथ ही वातावरण भी दूषित होता है। इससे सांस संबंधी और अन्य बीमारियां फैलती हैं।
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यही नहीं पराली के धुएं से सड़क हादसे भी बढ़ जाते हैं। इन हादसों में मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। ऐसे में किसानों को पराली को आग लगाने से तौबा कर लेनी चाहिए। इसके बजाय किसानों को पराली के प्रबंधन के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने किसानों से कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की पराली प्रबंधन की तकनीक को अपना कर इस समस्या का हल किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि अब तो पराली का इस्तेमाल ईंधन के रूप में उद्योग इस्तेमाल कर रहे हैं। समाना क्षेत्र में पराली को खेतों से इकट्ठा करने वाले यूनिट मौजूद हैं। इस मौके पर मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी गुरनाम सिंह ने किसानों को सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी स्कीमों के बारे में जानकारी दी।