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लुधियाना में शुरू नहीं हो पाए भट्ठे
अमर उजाला लुधियाना
Updated Sat, 22 Nov 2014 10:47 PM IST
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जिले में ईंट भट्ठा मालिकों के आपसी गुटबाजी के कारण भट्ठे अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। इसका खामियाजा भट्ठा मजदूरों को उठाना पड़ रहा है।
भट्ठा मजदूर यूनियन ने संघर्ष का ऐलान किया है, इसके तहत 25 को लुधियाना में रोष रैली की जाएगी। इसके बाद 28 नवंबर से अनिश्चितकाल के लिए संघर्ष शुरू किया जाएगा। यह घोषणा शनिवार को नागपाल रीजेंसी में भट्ठा मालिकों और मजदूरों की बैठक में यूनियन प्रधान तरसेम जोधां ने किया।
उधर, जिला ईंट भट्ठा मालिक एसोसिएशन ने इस विवाद को सुलझाने के लिए पंजाब एसोसिएशन से हस्तक्षेप की मांग की है। सामान्य तौर पर बरसात के बाद 15 सितंबर से भट्ठों में उत्पादन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार मंदी के कारण एक नवंबर की तारीख तय की गई थी, लेकिन जिले में अब तक भट्ठे शुरू नहीं हो पाए हैं।
मजदूर यूनियन के नेता तरसेम जोधा ने कहा कि पंजाब में तीन लाख से अधिक भट्ठा मजदूर हैं और 15 लाख लोगों की रोजी रोटी यहीं से चलती है। सूबे के अधिकतर जिलों में भट्ठों में उत्पादन हो रहा है, लेकिन लुधियाना जिले के भट्ठे अब तक शुरू नहीं हुए हैं।
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इस कारण मजदूर बेकार घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भट्ठों पर अब भी माफिया हावी है, इसका खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।
उधर ईंट भटठा मालिक एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंह जवंदा का आरोप है कि दूसरी भट्ठा एसोसिएशन के पदाधिकारी विभाग में शिकायतें करके, दबाव बनाकर भट्ठों को चलने नहीं दे रहे हैं।
एक नवंबर से 40 फीसदी उद्यमियों ने भट्ठा चलाने का प्रयास किया, लेकिन उनको बंद करा दिया गया। जवंदा ने दूसरे संगठन के उद्यमियों पर नाम लेकर आरोप मढ़े।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिले में भट्ठे चलवाने में सहयोग किया जाए, ताकि लुधियानवियों को ईंट की किल्लत न हो। इस मौके पर एसोसिएशन के चेयरमैन जगजीत सूद, साहिल सूद, अश्वनी सूद, रितेश गर्ग समेत कई भट्ठा मालिक भी मौजूद रहे।
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भट्ठा मजदूर यूनियन ने संघर्ष का ऐलान किया है, इसके तहत 25 को लुधियाना में रोष रैली की जाएगी। इसके बाद 28 नवंबर से अनिश्चितकाल के लिए संघर्ष शुरू किया जाएगा। यह घोषणा शनिवार को नागपाल रीजेंसी में भट्ठा मालिकों और मजदूरों की बैठक में यूनियन प्रधान तरसेम जोधां ने किया।
उधर, जिला ईंट भट्ठा मालिक एसोसिएशन ने इस विवाद को सुलझाने के लिए पंजाब एसोसिएशन से हस्तक्षेप की मांग की है। सामान्य तौर पर बरसात के बाद 15 सितंबर से भट्ठों में उत्पादन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार मंदी के कारण एक नवंबर की तारीख तय की गई थी, लेकिन जिले में अब तक भट्ठे शुरू नहीं हो पाए हैं।
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मजदूर यूनियन के नेता तरसेम जोधा ने कहा कि पंजाब में तीन लाख से अधिक भट्ठा मजदूर हैं और 15 लाख लोगों की रोजी रोटी यहीं से चलती है। सूबे के अधिकतर जिलों में भट्ठों में उत्पादन हो रहा है, लेकिन लुधियाना जिले के भट्ठे अब तक शुरू नहीं हुए हैं।
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इस कारण मजदूर बेकार घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भट्ठों पर अब भी माफिया हावी है, इसका खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।
उधर ईंट भटठा मालिक एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंह जवंदा का आरोप है कि दूसरी भट्ठा एसोसिएशन के पदाधिकारी विभाग में शिकायतें करके, दबाव बनाकर भट्ठों को चलने नहीं दे रहे हैं।
एक नवंबर से 40 फीसदी उद्यमियों ने भट्ठा चलाने का प्रयास किया, लेकिन उनको बंद करा दिया गया। जवंदा ने दूसरे संगठन के उद्यमियों पर नाम लेकर आरोप मढ़े।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिले में भट्ठे चलवाने में सहयोग किया जाए, ताकि लुधियानवियों को ईंट की किल्लत न हो। इस मौके पर एसोसिएशन के चेयरमैन जगजीत सूद, साहिल सूद, अश्वनी सूद, रितेश गर्ग समेत कई भट्ठा मालिक भी मौजूद रहे।