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पंजाब : एक्शन में चन्नी, भ्रष्टाचार में फंसे सरकारी मुलाजिमों की सूची होगी तैयार
Sun, 03 Oct 2021 12:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 03 Oct 2021 12:01 AM IST
सार
मुख्यमंत्री चन्नी ने सभी विभागों को जारी किए आदेश। राज्यभर में खुद करेंगे औचक निरीक्षण। पब्लिक डीलिंग से हटाए जाएंगे दागी मुलाजिम।
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चरणजीत सिंह चन्नी
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सभी विभागों को आदेश जारी कर ऐसे दागी मुलाजिमों की सूची तैयार करने के आदेश जारी किए हैं, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह सूची तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा दागी मुलाजिमों को पब्लिक डीलिंग वाले ओहदों से हटाकर रिकार्ड रूम जैसे स्थानों पर लगाया जाएगा।
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साथ ही, मुख्यमंत्री की ओर से हाल ही में जारी वह आदेश कि सभी सरकारी मुलाजिम निश्चित समय पर अपने कार्यालयों में पहुंचे और काम को पूरी गंभीरता से निभाएं। इस पर अमल कराने के लिए मुख्यमंत्री ने फैसला किया है कि वह राज्य भर में दौरे कर सरकारी दफ्तरों का औचक निरीक्षण करेंगे, जिसमें मुलाजिमों के समय पर ड्यूटी पहुंचने और तय समय तक दफ्तर में रहने की जांच भी होगी। सूत्रों के अनुसार राज्य में इन दौरों के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी कार्यालय के बीच एक योजना तैयार की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि वह पंजाब के लोगों के साथ मिलकर उन्हें सरकारी दफ्तरों में होने वाली परेशानी के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। पता चला है कि लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर ही मुख्यमंत्री ने औचक निरीक्षण का फैसला किया है।
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दरअसल, मुख्यमंत्री को मिले फीडबैक में ज्यादातर शिकायतें की गई हैं कि दफ्तरों में सरकारी बाबू बिना किसी ठोस कारण के ही काम लटकाकर लोगों को परेशान करते हैं, उन्हें बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने को मजबूर करते हैं। कई बार सरकारी बाबू दफ्तर के समय भी अपने कुर्सियों से नदारद रहते हैं और लोगों को अगले दिन आने के लिए कह दिया जाता है।
वहीं, तहसीलों में बाबुओं के ऐसे व्यवहार के कारण भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। रिश्वत के बिना लोगों के काम जानबूझकर लटकाए रखे जाते हैं। इस संबंध में तय कार्यक्रम गोपनीय रहेगा और मुख्यमंत्री अचानक ही किसी भी दफ्तर में पहुंचेंगे।