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शराब घोटाले की जांच में ईडी खाली हाथ, पंजाब पुलिस व एक्साइज विभाग ने नहीं दिए दस्तावेज

Fri, 31 Jul 2020 11:55 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 31 Jul 2020 11:55 AM IST
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Punjab Liquor Scam Inquiry by Enforcement Directorate Update
सांकेतिक तस्वीर
केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब में शराब घोटाले को खंगालने का काम शुरू करते ही राज्य में शराब माफिया, अनेक राजनेता और अफसरों की नींद हराम हो गई है। ईडी ने शराब घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है जबकि राज्य पुलिस और एक्साइज विभाग टालमटोल कर रहे हैं।
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पता चला है कि ईडी की ओर से पंजाब पुलिस को शराब घोटाले को लेकर दर्ज की गईं एफआईआर, अब तक की गई जांच के निष्कर्ष और घोटाले में शामिल लोगों के बैंक खातों विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके साथ ही ईडी ने पंजाब आबकारी विभाग से भी दो वर्षों के दौरान राज्य की डिस्टलरीज और बाटलिंग प्लांटों पर की गई कार्रवाई, छापे आदि से संबंधित रिपोर्ट और संबंधित मामले से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के कहा था। अब तक न तो राज्य पुलिस और न ही आबकारी विभाग ने कोई दस्तावेज ईडी को मुहैया कराया है।
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राज्य के खजाने को 5,600 करोड़ रुपये का चूना लगा

दरअसल, घोटाले संबंधी जांच के प्रारंभिक निष्कर्ष भी एक राजनीतिक और नौकरशाह सांठगांठ की ओर इशारा करते रहे हैं। इन पर राज्य में शराब माफिया को संरक्षण देने का भी आरोप लगा है। राज्य में शराब घोटाले को लेकर विपक्षी दलों के आरोपों पर नजर डालें तो शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल का दावा है कि अवैध शराब के व्यापार से राज्य के खजाने को 5,600 करोड़ रुपये का चूना लगा है।

शिअद का यह भी आरोप है कि शराब घोटाले में कांग्रेस के चार विधायक और सरकार के शीर्ष नौकरशाह शामिल हैं। दूसरी ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घोटाले के दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने का वादा करते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया, लेकिन फिलहाल इस मामले में जांच किस स्तर पर पहुंची है, यह गोपनीय है।

यह है मामला

इस घोटाले का खुलासा मई में लॉकडाउन में उस समय हुआ था, जब पटियाला के शंभू इलाके में एक अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई। इस मामले में एक कांग्रेसी सरपंच अमरीक सिंह और कांग्रेस के एक विधायक के सहयोगी राजपुरा के दीपेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

इसके कुछ दिन बाद ही पटियाला के घन्नौर के पाबरी गांव से भारी मात्रा में कच्ची शराब (लाहन) बरामद किया गया। लाकडाउन के दौरान ही खन्ना में भी एक अवैध डिस्टलरी पकड़ी गई और पुलिस ने इस संबंध में लुधियाना में कई स्थानों पर छापेमारी की। इसी दौरान, शराब के अवैध कारोबार में एक्साइज विभाग के अफसरों के शामिल होने की बात भी सामने आई और बड़े पैमाने पर विभाग के अफसरों के तबादले किए गए।
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