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चाणक्य की रणनीतियों पर आधारित नाटक ‘साकार होता सपना’ का मंचन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:36 AM IST
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नाटक ‘साकार होता सपना’ का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
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‘पीढ़ियां अगर गंदी हो जाए तो देश बर्बाद हो जाता है। इसलिए हमें अपनी हिंदू जीवन पद्धति, भारत की वैदिक संस्कृति और उसकी जड़ों की ओर जाना होगा और इसे पहचानना होगा।’ चाणक्य की कुछ ऐसी ही और रणनीतियां पंजाब कला भवन में मंगलवार को हुए नाटक ‘साकार होता सपना’ में देखने को मिलीं। नाटक को रांची के थिएटर ग्रुप युवा रंगमंच के 22 कलाकारों ने पेश किया, जिसका मंचन तीसरे टीएफटी संस्कार भारती राष्ट्रीय समारोह के तहत हुआ।
नाटक के निर्देशक अजय मलकानी ने बताया कि बिमल लाठ द्वारा लिखित इस नाटक का मंचन कुरूक्षेत्र, उज्जैन, रांची और दिल्ली में हो चुका है और चंडीगढ़ में इसका पांचवा शो है। डेढ़ घंटे की अवधि वाले इस नाटक में जहां चाणक्य की रणनीतियों को दिखाया है वहीं चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य के संबंधों का भी जिक्र देखने को मिला। नाटक में भारत की सुंदरता इसकी एकता में दिखाई गई और लोगों को आपस में मिल जुलकर रहने का संदेश दिया गया।
इन कलाकारों ने लिया भाग
माऊ राय, पंकज कुमार, शंकर पाठक, काशिफ अहमद, प्रवीण कुमार, मीरा सिंह, पूजा कुमारी, मनमोहन सिंह, अजय कुमार, पुलकित राज, पवन कुमार, अमर कश्यप, जितेंद्र वाढेर, गौतम कुमार, संतोष चंचल, सोतष कुमार, विकास कुमार प्रधान, बनफूल नायक, कुमारी पूजा, विकास कुमार प्रधान ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता।
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नाटक के निर्देशक अजय मलकानी ने बताया कि बिमल लाठ द्वारा लिखित इस नाटक का मंचन कुरूक्षेत्र, उज्जैन, रांची और दिल्ली में हो चुका है और चंडीगढ़ में इसका पांचवा शो है। डेढ़ घंटे की अवधि वाले इस नाटक में जहां चाणक्य की रणनीतियों को दिखाया है वहीं चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य के संबंधों का भी जिक्र देखने को मिला। नाटक में भारत की सुंदरता इसकी एकता में दिखाई गई और लोगों को आपस में मिल जुलकर रहने का संदेश दिया गया।
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इन कलाकारों ने लिया भाग
माऊ राय, पंकज कुमार, शंकर पाठक, काशिफ अहमद, प्रवीण कुमार, मीरा सिंह, पूजा कुमारी, मनमोहन सिंह, अजय कुमार, पुलकित राज, पवन कुमार, अमर कश्यप, जितेंद्र वाढेर, गौतम कुमार, संतोष चंचल, सोतष कुमार, विकास कुमार प्रधान, बनफूल नायक, कुमारी पूजा, विकास कुमार प्रधान ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता।
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