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India-Canada Row: नवंबर में पंजाब आते हैं एनआरआई, वीजा पर पाबंदी से कारोबार पर पड़ेगा असर
Thu, 05 Oct 2023 08:30 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 05 Oct 2023 08:30 AM IST
सार
पंजाब के कारोबारियों का मानना है कि कनाडा भारत के बीच विवाद जल्द नहीं सुलझा तो पंजाब की इंडस्ट्री खासकर होटल इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब व्यवसायों और उद्योगों को फलने-फूलने का मौका मिला था। नवंबर से जनवरी तक शादी समारोहों का दौर रहता है।
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भारत कनाडा विवाद
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पंजाब के कारोबारी चिंतित हैं क्योंकि एनआरआईज का सीजन शुरू होने जा रहा है।
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पंजाब में नवंबर में विदेश से लोग आने शुरू हो जाते हैं जो जनवरी तक रहकर वापस जाते हैं। लिहाजा, पंजाब में होटल इंडस्ट्री, रेस्तरां व कपड़ा समेत कई कारोबार में जबरदस्त बूम रहता है। लेकिन इस बार सीजन फीका जाने की आशंका से कारोबारी चिंतित हैं।
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दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव के कारण भारत ने कनाडाई नागरिकों को वीजा देना बंद कर दिया है। कनाडा पासपोर्ट धारक पंजाब नहीं आ सकते हैं। हां, अगर उनके पास पुराने समय का लगा हुआ भारत का वैध वीजा है तो भारत आने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन जिन धारकों के पास भारतीय वीजा नहीं है, वह नहीं आ सकते हैं।
होटल इंडस्ट्री की ग्रोथ एनआरआई पर
यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो पंजाब की इंडस्ट्री खासकर होटल इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब व्यवसायों और उद्योगों को फलने-फूलने का मौका मिला था। नवंबर से जनवरी तक शादी समारोहों का दौर रहता है। होटल रमाडा के राजन चोपड़ा का कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक पंजाब में शादी करने आते हैं। होटल इंडस्ट्री की ग्रोथ एनआरआई पर है। इस साल काफी संशय है। राज्य में होटल उद्योग पहले कोविड-19, फिर बाढ़ और अब राजनयिक विवाद के कारण प्रभावित हुआ है।
60 फीसदी गिरा कारोबार
वहीं पंजाबी सूट का कारोबार करने वाले संजीव आर्ट्स के मालिक संजीव अरोड़ा के मुताबिक उनका कारोबार ही एनआरआईज के सिर पर है। डिजाइनर सूट दोआबा में सप्लाई होते हैं, जिनके खरीदार ही एनआरआईज है। इस बार दुकानदारों ने आर्डर काफी कम दिए हैं। कम से कम 60 फीसदी कारोबार गिर गया है। गांवों व कस्बों के दुकानदार को आगे माल सप्लाई करने का वक्त ही नहीं मिलता था। लेकिन इस बार खाली वाला हिसाब किताब है। सूरत से काफी कपड़ा मंगवाकर रखा था, जिसको आगे पंजाबी लुक देकर डिजाइनर सूट तैयार करने थे। लेकिन कारीगर खाली बैठे हैं।
सारा साल इन्हीं तीन महीनों पर टिका
भावना क्रिएशन की भावना संदल का कहना है कि हमारा सीजन सिर्फ नवंबर से लेकर जनवरी तक होता है। सारा साल हम इन तीन महीनों की तैयारी करते हैं। लेकिन इस बार कनाडा व भारत के तनाव के कारण सब कुछ फीका है। हमारे सूट काफी महंगे और डिजाइनर होते हैं। अगर तैयार करके रख लिए और एनआरआइज कम आए तो काफी मुश्किल होगी और फैशन खत्म हो जाएगा, सब माल बेकार हो जाएगा। जो दिखाई दे रहा है, उस मुताबिक इस बार संख्या काफी कम होगी।