Punjab: प्रदेश ह्यूमन राइट्स के AIG मालविंदर गिरफ्तार, अधिकारियों से दुर्व्यवहार व धक्का-मुक्की करने का आरोप
एआईजी पर विजिलेंस मुख्यालय में अधिकारियों से दुर्व्यवहार व धक्का-मुक्की करने का आरोप है। परिजनों ने मुख्यालय के बाहर पहुंचकर हंगामा किया और कहा कि विजिलेंस अधिकारी परेशान कर रहे हैं।
विस्तार
पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) ह्यूमन राइट्स मालविंदर सिंह सिद्धू को बुधवार देर शाम मोहाली पुलिस ने विजिलेंस मुख्यालय से गिरफ्तार कर लिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने विजिलेंस मुख्यालय में अधिकारियों से दुर्व्यवहार किया और धक्का-मुक्की कर सरकारी काम में बाधा डाली। उन्होंने कुछ दस्तावेजों को नुकसान भी पहुंचाया।
एसएसपी मोहाली डाॅ. संदीप गर्ग ने बताया कि विजिलेंस के डीएसपी वरिंदर सिंह की शिकायत पर एआईजी के खिलाफ फेज-आठ के थाने में आईपीसी की धारा 353 (लोक सेवक पर हमला) और 183 (लोक सेवक से उलझना), 323 (मारपीट) और 506 (जान से मारने की धमकी देना) के तहत केस दर्ज किया है।
दूसरी तरफ इससे पहले उनकी पत्नी और बच्चों ने मुख्यालय के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि एआईजी को सुबह ही पूछताछ के लिए बुला लिया था, शाम तक उन्हें नहीं छोड़ा। उनके फोन भी बंद रहे। उन्होंने कहा कि एआईजी को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में चल रही जांच
एआईजी मालविंदर सिंह के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो काफी समय से आय से अधिक संपत्ति और फिरौती से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल कर रहा था। बुधवार को विजिलेंस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। जब एआईजी विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे तो वहां पर तैनात अधिकारियों ने कहा कि वह पूछताछ के दौरान अपने साथ फोन नहीं ले जा सकते हैं, हालांकि उनके पास दो फोन थे। यह बात सुनते ही एआईजी उन अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने तर्क दिया कि वह एसएसपी स्तर के अधिकारी हैं। जांच में वह फोन अपने साथ ले जा सकते हैं, लेकिन विजिलेंस के अधिकारी अड़ गए।
उनका कहना था कि इस तरह जांच प्रभावित होगी। इस दौरान काफी देर तक माहौल गर्माया गया। नौबत धक्का-मुक्की और गाली-गलौज तक पहुंच गई। इस दौरान डीएसपी वरिंदर सिंह का चश्मा भी टूट गया। बाद में विजिलेंस ने एआईजी के फोन बाहर रखवा लिए, लेकिन इसके बाद विजिलेंस को संदेह हुआ कि उनके पास एक और फोन हो सकता है।
आरोप है कि ऐसे में उनकी तलाशी ली गई तो उनके कपड़ों में छिपाया हुआ एक रिकॉर्डर मिला। इसके बाद इस मामले को तुरंत उच्च अधिकारियों से साझा किया गया। थाना फेज-आठ पुलिस स्टेशन को इस बारे में सूचित किया गया। पुलिस ने काफी देर तक उन्हें समझाया, लेकिन वह नहीं माने। आखिर में पुलिस ने उन पर केस दर्ज किया और उन्हें थाने ले गई।
झूठे मामले में फंसाने का आरोपएआईजी मालविंदर सिंह ने कुछ दिन पहले मोहाली प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस की थी। जहां उन्होंने ने विजिलेंस ब्यूरो के एआईजी मनमोहन सिंह के रीडर रणजीत सिंह पर आरोप लगाया था कि वह उन्हें किसी झूठे मामले में फंसाना चाहते हैं। उधर, विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक मालविंदर सिंह सिद्धू के खिलाफ पटियाला जिले में विजिलेंस के एआईजी रहते हुए अधिकारियों से रिकाॅर्ड लेकर झूठी संपत्तियां बनाने की जानकारी है। कई अधिकारियों को परेशान करने का भी आरोप है। इसके चलते विजिलेंस ने उनके खिलाफ सोर्स रिपोर्ट तैयार की है। यह डीजीपी से अनुमोदन के लिए है।
तीन बार जांच के लिए बुलाया गया था
विजिलेंस इससे पहले उसे तीन बार जांच में शामिल होने के लिए बुला चुकी है। इसके लिए उन्हें तीन बार समन जारी हुए थे, लेकिन वह जांच में शामिल होने के लिए नहीं पहुंचे थे। इस वजह से विजिलेंस को जांच आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही थी। वहीं, एआईजी शुरू से ही अपने आप को बेकसूर बता रहे हैं।