Punjab News: गृह सचिव, डीजीपी और एसएसपी को हाईकोर्ट की कड़ी फटकार, कहा- जंगल की आग की तरह फैल रहा नशा
पंजाब के गृह सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव गुरुवार को ड्रग ट्रायल मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में पेश हुए।
विस्तार
सरहद पार से आ रहा नशा पड़ोसी राज्यों में जंगल की आग की तरह फैल रहा है। पुलिस इसे रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही है। पुलिस पर लोगों का विश्वास टूट रहा है। यह देश के साथ विश्वासघात है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी एनडीपीएस मामलों में सरकारी गवाहों के पेश न होने पर लिए गए संज्ञान की सुनवाई की दौरान की है। कोर्ट ने पंजाब के गृह सचिव, डीजीपी और मुक्तसर साहिब के एसएसपी को फटकार लगाते हुए कहा कि इसके लिए आपको माफी मांगनी चाहिए।
हाईकोर्ट के आदेश पर गुरुवार को पंजाब के गृह विभाग के सचिव, डीजीपी और मुक्तसर साहिब के एसएसपी पेश हुए। हाईकोर्ट ने डीजीपी को फटकार लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार एनडीपीएस के मामलों में पुलिस अधिकारी गवाही के लिए पेश नहीं हो रहे, उससे प्रतीत होता है कि सरकार और डीजीपी पूरी तरह से असफल हैं। पुलिस का यह रवैया राज्य के नागरिकों के बीच उनकी छवि पर खराब प्रभाव डालता है।
हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के गवाही के लिए पेश न होने की स्थिति में निर्दोष लोगों के जेल में अधिक समय तक रहने और ड्रग माफिया को जमानत की जिम्मेदारी कौन लेगा? हम दो साल से आदेश दे रहे हैं लेकिन पालन नहीं हो रहा। अब सरकार विश्वास दिलाने के बजाय कुछ करके दिखाए। कोर्ट ने कहा कि हम किसी का मनोबल नहीं गिराना चाहते लेकिन आज स्थिति को नहीं संभाला तो बहुत देर हो जाएगी।
डीजीपी बोले- हमने हजारों किलो नशा पकड़ा, कोर्ट ने कहा- यह आपकी ड्यूटी
डीजीपी ने कोर्ट में कहा कि राज्य में नशीली दवाओं और अन्य प्रकार के नशे के मामलों का भारी बोझ है लेकिन पुलिस सक्रिय है। राज्य में बीते कुछ समय में हजारों किलोग्राम प्रतिबंधित नशा सामग्री बरामद की गई है। गुरुवार को ही भारी मात्रा में नशा बरामद किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि आपको यही करना चाहिए और आप ऐसा करने के लिए बाध्य हैं। यह आपकी ड्यूटी है।
देनी होगी समय सीमा की जानकारी
कोर्ट ने अब पिछले दो साल में एनडीपीएस के जिन मामलों में चार्जशीट दाखिल की है। उनमें गवाहों को लेकर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। हलफनामे में सरकार को बताना होगा कि गवाह क्यों गवाही के लिए नहीं पहुंचे। इसके साथ ही गवाहियां सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे और इसके लिए सरकार को समय सीमा की जानकारी भी देनी होगी।
पहले भी की थी तल्ख टिप्पणी
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कहा था कि सरकारी गवाहों का पेश न होना आरोपियों व पुलिस अधिकारियों के बीच अपवित्र रिश्ता प्रतीत होता है। सरकार को नींद तोड़ने और पुलिस को व्यवस्थित करने की जरूरत है।
#WATCH | Punjab Home Secretary Gurkirat Kirpal Singh and Director General of Police (DGP) Gaurav Yadav arrive at Punjab and Haryana High Court to appear in connection with a drug trial case. pic.twitter.com/qnI9vhVPfo
— ANI (@ANI) October 12, 2023