फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab, Haryana Officers dont want to appoint in UT

कम हो रहा पंजाब अधिकारियों का दबदबा

Fri, 17 Jan 2014 05:07 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 17 Jan 2014 05:07 PM IST
विज्ञापन
Punjab, Haryana Officers dont want to appoint in UT
यूटी प्रशासन में पंजाब का दबदबा लगातार कम हो रहा है। प्रशासन में जो पद पंजाब के आईएएस अधिकारियों के लिए हैं उन पर अब हरियाणा या यूटी कैडर के आईएएस अधिकारियों का कब्जा है।
विज्ञापन


यूटी में चार पदों पर पंजाब के चार आईएएस अधिकारी नियुक्त होते हैं। लेकिन, फिलहाल सिर्फ एक ही अधिकारी नियुक्त है। यूटी में वित्त सचिव, सिटको के एमडी, नगर निगम आयुक्त और विशेष वित्त सचिव के पद पंजाब के आईएएस अधिकारियों के लिए है।
विज्ञापन


लेकिन, इनमें से सिर्फ नगर निगम आयुक्त पद पर ही पंजाब के आईएएस नियुक्त हैं। बाकी तीन पद यूटी या हरियाणा के आईएएस अधिकारियों के पास हैं। हालांकि, यह व्यवस्था अस्थाई तौर पर ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चंडीगढ़ के पदों पर पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों का 60-40 का अनुपात है और जून 2012 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिंदबरम ने भी इस संबंध में प्रशासक को पत्र भेजकर कहा था कि उक्त अनुपात कायम रखा जाए।

पंजाब के मुख्यमंत्री भी प्रशासक शिवराज पाटिल को पत्र लिखकर इस अनुपात को बरकरार रखने की बात कह चुके हैं और उन्होंने डीएचएस के पद पर कार्यवाहक तौर पर नियुक्त हरियाणा के अधिकारी का विरोध भी किया था। ऐसे में अब चंडीगढ़ में जिस तरह से पंजाब के अधिकारियों का दबदबा कम है, उससे फिर विवाद हो सकता है।

वित्त सचिव वीके सिंह का कार्यकाल खत्म होने पर मंगलवार को उन्हें रिलीव कर दिया गया था और नए वित्त सचिव ने अभी ज्वाइन नहीं किया है।

विशेष वित्त सचिव भावना गर्ग लंबी छुट्टी पर हैं, जबकि सिटको के एमडी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वित्त सचिव वीके सिंह के पास जो विभाग थे उन्हें हरियाणा के आईएएस अधिकारी अनिल कुमार और यूटी कैडर के आईएएस सत्यगोपाल के बीच बांटे गए हैं।

सिटको के एमडी के पद का कार्यभार यूटी कैडर की आईएएस तनवी गर्ग को दिया गया है। जबकि, विशेष वित्त सचिव भागवा गर्ग के कुछ विभाग यूटी कैडर की आईएएस प्रेरणा पुरी और इसी कैडर के सत्यगोपाल को दिए गए हैं।

सिर्फ एक पद का कार्यभार पीसीएस अधिकारी संदीप हंस के पास है। सिटको के एमडी के लिए कई बार पैनल भेजा गया है, लेकिन इस पद पर नियुक्ति एचएचए की लेटलतीफी के कारण लटकी हुई है।

प्रशासन में पंजाब के आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ पीसीएस अधिकारियों की भी कमी है। चंडीगढ़ में पीसीएस के 12 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से सात पद ही भरे हैं। पीसीएस अधिकारी इकबाल सिंह संधू ने दो महीने बीत जाने के बाद भी ज्वाइन नहीं किया है। प्रशासन ने इस संबंध में पंजाब सरकार को रिमांइडर भी भेजा है।

अधिकारियों पर काम का बोझ
चंडीगढ़ से जो अधिकारी चले जाते हैं, उनकी जगह कोई अन्य अधिकारी नहीं आ रहा है। प्रशासन की ओर से पांच महीने पहले चंडीगढ़ के तत्कालीन एडीसी और यूटी कैडर के आईएएस विनोद कावले परशुराम को रिलीव कर दिया गया था।


उनकी जगह अभी तक किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में प्रशासन के अधिकारियों पर काम का काफी बोझ है। सभी अधिकारियों के पास एक से ज्यादा विभाग होने से उन पर काम का काफी बोझ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed