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एसिड अटैक मामलों में हाईकोर्ट का रवैया सख्त, हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार

Tue, 31 Oct 2017 03:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 31 Oct 2017 03:03 PM IST
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punjab haryana highcourt strict on untrace reports of acid attack case
एसिड अटैक
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसिड अटैक मामलों में अनट्रेस रिपोर्ट पर सख्त रवैया अपनाते हुए हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी समाप्त समझने की प्रवृत्ति बंद हो। हाईकोर्ट की यह टिप्पणी 2006 में एसिड अटैक का शिकार हुई अरुणा त्रिपाठी की याचिका पर सुनवाई के दौरान आई है। सोमवार को हरियाणा पुलिस ने कोर्ट में कहा था कि आरोपी के बारे में उसके पास कोई जानकारी नही हैं।
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इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपानते हुए सरकार को पूरा रिकार्ड सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए हैं। सीबीआई को इस मामले पर 3 सप्ताह में अपना पक्ष रखना होगा। इस मामले में फरीदाबाद निवासी अरुणा त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि 2006 में वह अपने कुछ परिचितों के साथ ऑटो में जा रही थी। इस दौरान कुछ युवकों ने उसके ऊपर एसिड डाल दिया। एसिड अटैक से वह बुरी तरह झुलस गई थी।
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इसके बाद हरियाणा सरकार ने एसिड अटैक पीड़ितों को राहत देने के लिए एक नीति बनाई थी। इस नीति के तहत पीड़ित को 3 लाख रुपये देने का प्रावधान है। इसके लिए याची ने भी आवेदन किया था, लेकिन हरियाणा सरकार की ओर से पूरी राशि न देते हुए केवल डेढ़ लाख रुपये जारी किए गए, जो याचिकाकर्ता के साथ अन्याय है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस की भूमिका और जांच पर भी सवाल खड़े किए।
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हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार की जांच की गई है, उससे यह पता चलता है कि पुलिस ऐसे मामलों में कितनी गंभीर है। ऐसा लग रहा है कि पुलिस इस तरह के मामलों की जांच में सक्षम ही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि हमारे पास आंकड़े मौजूद हैं कि किस प्रकार ऐसे मामलों में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी जाती है। कुछ ही मामलों में आरोपी गिरफ्त में आते हैं। ऐसे में कोर्ट का विचार है कि इस मामले की जांच को किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंप दिया जाना चाहिए।
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