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हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी, कभी विकास में नंबर वन पंजाब आज ड्रग्स में अव्वल है
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 05 Jul 2018 10:16 AM IST
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पंजाब में नशे के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को यह भरोसा देना पड़ा कि एनडीपीएस से जुड़े मामले में सरकार तेजी से कार्रवाई करेगी। कैप्टन यहां किसी अन्य मामले को लेकर बयान दर्ज करवाने पहुंचे थे, लेकिन चर्चा नशे पर छिड़ गई। इस दौरान जस्टिस दया चौधरी ने कहा कि कभी पंजाब विकास के मामले में देश में पहले नंबर पर था, लेकिन अब ड्रग्स के बढ़ते मामलों के कारण यह नशे में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
जिसके बाद कैप्टन अमरिंदर ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार एनडीपीएस से जुडे़ सभी मामलों में तेजी से कार्रवाई करेगी। कैप्टन यहां वर्ष 2002 की एक चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे थे। इस दौरान जस्टिस दया चौधरी ने चुनावी याचिका पर सुनवाई के बाद पंजाब में बढ़ते एनडीपीएस के फर्जी केसों और सीएफएसएल की रिपोर्ट में देरी के मामलों पर सरकार से जवाब तलब कर लिया।
सुनवाई के दौरान जस्टिस दया चौधरी ने कहा कि देखने में आया है कि पंजाब में फर्जी एनडीपीएस के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। अधिकतर मामलों में सीएफएसएल की रिपोर्ट आने में भी देरी होती है। साफ है कि एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों को सही तरह से लागू ही नहीं किया गया है। जस्टिस दया चौधरी ने कहा- ‘अब मुख्यमंत्री खुद हाईकोर्ट में आये हैं तो वे इस बारे में जवाब दें।’
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इस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार इन मामलों पर बेहद गंभीर है और वह खुद व्यक्तिगत तौर पर इनकी निगरानी कर रहे हैं। जल्दी ही इस मामले में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करके वे इसका हल निकालेंगे। इससे पहले, चुनावी याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही जस्टिस चौधरी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछा कि यह कब का मामला है तो उन्होंने जवाब दिया कि यह वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव का मामला है।
इस पर जस्टिस चौधरी ने पूछा कि उसके बाद से वे अब तक कितने चुनाव लड़ चुके हैं। कैप्टन ने बताया कि वह 2002 के बाद पांच चुनाव लड़ चुके हैं। तब जस्टिस चौधरी ने याचिकाकर्ता से पूछा कि जब इस चुनाव के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह पांच बार चुनाव लड़ चुके हैं तो अब इस याचिका पर उनका क्या कहना है। लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट के पेश नहीं होने पर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।
कई बार प्रावधान सख्त करने को कहा
जस्टिस चौधरी ने कहा कि एनडीपीएस के बढ़ते फर्जी मामलों में वह कई बार पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधान सख्ती से लागू करने के निर्देश देती रही हैं। बावजूद इसके अब तक उन्हें आदेशों पर अमल होता नजर नहीं आ रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार जल्द से जल्द कार्रवाई करेगी।
चुनाव संबंधी केस में जुड़ गया ड्रग्स का मामला
पंजाब विधानसभा के वर्ष 2002 में हुए चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जीत के खिलाफ स्थानीय निवासी हरकीरत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने बयान दर्ज करवाने जस्टिस दया चौधरी की बेंच के समक्ष उपस्थित हुए थे। चुनाव याचिका पर सुनवाई पूरी होते ही जस्टिस चौधरी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से पंजाब में एनडीपीएस केसों के मामले में जवाब तलब कर लिया।
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जिसके बाद कैप्टन अमरिंदर ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार एनडीपीएस से जुडे़ सभी मामलों में तेजी से कार्रवाई करेगी। कैप्टन यहां वर्ष 2002 की एक चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे थे। इस दौरान जस्टिस दया चौधरी ने चुनावी याचिका पर सुनवाई के बाद पंजाब में बढ़ते एनडीपीएस के फर्जी केसों और सीएफएसएल की रिपोर्ट में देरी के मामलों पर सरकार से जवाब तलब कर लिया।
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सुनवाई के दौरान जस्टिस दया चौधरी ने कहा कि देखने में आया है कि पंजाब में फर्जी एनडीपीएस के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। अधिकतर मामलों में सीएफएसएल की रिपोर्ट आने में भी देरी होती है। साफ है कि एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों को सही तरह से लागू ही नहीं किया गया है। जस्टिस दया चौधरी ने कहा- ‘अब मुख्यमंत्री खुद हाईकोर्ट में आये हैं तो वे इस बारे में जवाब दें।’
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इस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार इन मामलों पर बेहद गंभीर है और वह खुद व्यक्तिगत तौर पर इनकी निगरानी कर रहे हैं। जल्दी ही इस मामले में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करके वे इसका हल निकालेंगे। इससे पहले, चुनावी याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही जस्टिस चौधरी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछा कि यह कब का मामला है तो उन्होंने जवाब दिया कि यह वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव का मामला है।
इस पर जस्टिस चौधरी ने पूछा कि उसके बाद से वे अब तक कितने चुनाव लड़ चुके हैं। कैप्टन ने बताया कि वह 2002 के बाद पांच चुनाव लड़ चुके हैं। तब जस्टिस चौधरी ने याचिकाकर्ता से पूछा कि जब इस चुनाव के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह पांच बार चुनाव लड़ चुके हैं तो अब इस याचिका पर उनका क्या कहना है। लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट के पेश नहीं होने पर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।
कई बार प्रावधान सख्त करने को कहा
जस्टिस चौधरी ने कहा कि एनडीपीएस के बढ़ते फर्जी मामलों में वह कई बार पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधान सख्ती से लागू करने के निर्देश देती रही हैं। बावजूद इसके अब तक उन्हें आदेशों पर अमल होता नजर नहीं आ रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार जल्द से जल्द कार्रवाई करेगी।
चुनाव संबंधी केस में जुड़ गया ड्रग्स का मामला
पंजाब विधानसभा के वर्ष 2002 में हुए चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जीत के खिलाफ स्थानीय निवासी हरकीरत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने बयान दर्ज करवाने जस्टिस दया चौधरी की बेंच के समक्ष उपस्थित हुए थे। चुनाव याचिका पर सुनवाई पूरी होते ही जस्टिस चौधरी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से पंजाब में एनडीपीएस केसों के मामले में जवाब तलब कर लिया।