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14 साल की किशोरी देगी बच्चे को जन्म, गर्भपात कराने से हाईकोर्ट का इंकार...जान को खतरा

Tue, 04 Sep 2018 10:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 04 Sep 2018 10:35 AM IST
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Punjab Haryana Highcourt Rejected 14 Years Old Rape Survivor Abortion Pil
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
14 साल की किशोरी बच्चे को जन्म देगी, क्योंकि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने जान को खतरा बताते हुए उसका गर्भपात कराने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल बोर्ड के अनुसार गर्भपात से पीड़िता को जान का खतरा है और ऐसे में हाईकोर्ट पीड़िता की जान को जोखिम में नहीं डाल सकता। याचिका दाखिल करते हुए भिवानी निवासी पीड़िता के पिता ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसकी 14 साल की बेटी से याची के बहनोई ने रेप किया था।
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अगस्त माह में याची की बेटी ने उसे इस बारे में जानकारी दी। इसके आधार पर 7 अगस्त को एफआईआर दर्ज करवाई गई। इसी बीच पीड़िता का मेडिकल हुआ और याची को बताया गया वह गर्भवती है। याची ने इसके बाद बेटी के गर्भपात के लिए पीजीआई रोहतक में उसका चेकअप करवाया। पीजीआई के डाक्टरों ने कहा कि पीड़िता की प्रेगनेंसी 28 सप्ताह की है और नियम के अनुसार 20 सप्ताह से ऊपर का गर्भ केवल कोर्ट की अनुमति से ही गिराया जा सकता है।
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इसी के चलते याची ने हाईकोर्ट से इसकी अनुमति मांगी है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पीजीआई डाक्टरों की टीम से उनका सुझाव मांगा। पीजीआई डाक्टरों की टीम ने चेकअप किया और बताया कि अभी फिलहाल याची को कोई खतरा नहीं है। गर्भ तब ही गिराया जा सकता है जब परिजन किसी भी खतरे की जिम्मेदारी लेने को तैयार हो। इस पर कोर्ट में याची ने कहा कि वह जिम्मेदारी लेने को तैयार है।
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हाईकोर्ट को पीजीआई ने बताया कि यदि गर्भपात हुआ तो पीड़िता की जान को खतरा है। इस पर हाईकोर्ट ने गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हालांकि पीजीआई को कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि पीड़िता को प्राइवेट रूम, दवा, खाना व कपड़े आदि उपलब्ध करवाए जाएं। विभाग के प्रमुख खास तौर पर उसकी निगरानी करें और यह ध्यान रखा जाए कि पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न हो। साथ ही हरियाणा सरकार को आदेश दिए कि डिलीवरी तक के पूरे खर्च का रीइंबर्समेंट दिया जाए।
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