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7 साल से गुम हुए बेटे को तलाश रहे बाप के छलके आंसू, हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:08 AM IST
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old man with aadhar
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सात साल से लापता बेटे को तलाश रहा बुजुर्ग बाप फूट-फूटकर रो पड़ा तो माहौल गमगीन हो गया। फिर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया। हाईकोर्ट ने ने पंजाब पुलिस को इंटरपोल की मदद लेने के आदेश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि लापता युवक के पास अलग-अलग नाम और पते के तीन पासपोर्ट हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक व्यक्ति को तीन पासपोर्ट कैसे जारी किए गए, पुलिस और संबंधित विभाग इसकी जांच करें।
याचिकाकर्ता गुरजंग सिंह ने याचिका दायर कर बेटे को तलाशने के लिए पंजाब पुलिस को आदेश जारी करने की अपील की थी। इस संबंध में पूछने पर मोहाली के एसएसपी ने हाईकोर्ट को बताया कि इस बारे में सिंगापुर एंबेसी से संपर्क किया गया है। साथ ही देश के अन्य राज्यों से भी जगबीर सिंह की बारे में जानकारी मांगी गई है।
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सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि लापता युवक के पास अलग-अलग नाम और पते के तीन पासपोर्ट हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक व्यक्ति को तीन पासपोर्ट कैसे जारी किए गए, पुलिस और संबंधित विभाग इसकी जांच करें।
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याचिकाकर्ता गुरजंग सिंह ने याचिका दायर कर बेटे को तलाशने के लिए पंजाब पुलिस को आदेश जारी करने की अपील की थी। इस संबंध में पूछने पर मोहाली के एसएसपी ने हाईकोर्ट को बताया कि इस बारे में सिंगापुर एंबेसी से संपर्क किया गया है। साथ ही देश के अन्य राज्यों से भी जगबीर सिंह की बारे में जानकारी मांगी गई है।
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दायर की गई याचिका में बताई पूरी कहानी
प्रतीकात्मक फोटो
हाईकोर्ट को याचिकाकर्ता ने बताया गया कि लापता युवक को वर्ष 2006 में जगबीर संधू के नाम पर, वर्ष 2005 में गजबीर संधू के नाम पर और वर्ष 2001 में रुपिंदर सिंह राणा के नाम पर पासपोर्ट जारी किए गए। इनमें से दो पासपोर्ट मोहाली और एक पासपोर्ट फिरोजपुर के पते पर बनवाए गए हैं।
सभी में पते भी अलग-अलग हैं लेकिन पिता का नाम गुरजंग सिंह ही दर्ज है। इस पर पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि जगबीर सिंह वर्ष 2009 में ताइवान गया था और वापिस आ गया था। उसके बाद से इनमें से किसी भी पासपोर्ट पर कोई व्यक्ति बाहर नहीं गया।
वहीं परिवार का कहना है कि 2011 में किसी अनजान व्यक्ति ने फोन पर बताया कि जगबीर सिंह सिंगापुर की जेल में है। उसके बाद से ही उन्हें जगबीर सिंह के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। याचिकाकर्ता ने मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की।
परिवार ने बेटे की पत्नी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई है जो अब कनाडा में है। परिवार का कहना है कि उनके बेटे के लापता होने में उसकी पत्नी का हाथ हो सकता है।
सभी में पते भी अलग-अलग हैं लेकिन पिता का नाम गुरजंग सिंह ही दर्ज है। इस पर पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया है कि जगबीर सिंह वर्ष 2009 में ताइवान गया था और वापिस आ गया था। उसके बाद से इनमें से किसी भी पासपोर्ट पर कोई व्यक्ति बाहर नहीं गया।
वहीं परिवार का कहना है कि 2011 में किसी अनजान व्यक्ति ने फोन पर बताया कि जगबीर सिंह सिंगापुर की जेल में है। उसके बाद से ही उन्हें जगबीर सिंह के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। याचिकाकर्ता ने मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की।
परिवार ने बेटे की पत्नी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई है जो अब कनाडा में है। परिवार का कहना है कि उनके बेटे के लापता होने में उसकी पत्नी का हाथ हो सकता है।