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केंद्र सरकार पाकिस्तान से बात करे, जरूरत पड़े तो इंटरनेशनल कोर्ट में अपील करो: हाईकोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 17 Nov 2018 02:55 PM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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1971 युद्ध में बीएसएफ के कांस्टेबल सुरजीत सिंह के अभी पाकिस्तान जेल में कैद होने की दलील देते हुए उसकी पत्नी ने उसकी वतन वापसी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार सुरजीत सिंह मामले में पाकिस्तान सरकार से बात करे और अगर जरूरत पड़े तो इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत अपील कर उसे वापस लाए। जस्टिस राजन गुप्ता ने यह आदेश सुरजीत सिंह की पत्नी अंग्रेज कौर द्वारा एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए हैं।
याचिका में अंग्रेज कौर ने बताया है कि 1971 के भारत पाक युद्ध के दौरान उसके पति को पाकिस्तानी फौज ने कैद कर लिया था, लेकिन बीएसएफ ने सुरजीत सिंह को मृत मान लिया था। याचिकाकर्ता को समाचार पत्रों से पता चला कि उसका पति पाकिस्तान की जेल में है। पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने वर्ष 2011 में एक बयान जारी करते हुए बताया था कि सुरजीत सिंह अपनी 20 वर्षों की कैद पूरी करने के बाद अब भी पाकिस्तान की जेल में है। इस बारे में समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित हुए थे।
याचिकाकर्ता ने बताया कि उसे के बार वर्ष 2004 में भी पता चला था कि उसके पति को पाकिस्तान जेल से रिहा कर दिया है। जब वह अपनी पति को लेने वाघा बॉर्डर पहुंची तो उसे वहां पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए एक अन्य कैदी मक्खन सिंह मिला था। उसने भी सुरजीत सिंह के पाकिस्तान की जेल में होने की बात कही थी बाद में मक्खन सिंह ने कुछ टीवी चैनलों को दिए अपने इंटरव्यू में भी इसका जिक्र किया था। मामले की सुनवाई पर केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि सुरजीत सिंह के मामले में केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से जानकारी मांगी थी जिसे पाकिस्तान ने देने से साफ इंकार कर दिया था।
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इस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा दी गई इस नई जानकारी पर केंद्र सरकार को पाकिस्तान सरकार से बात किये जाने के निर्देश दिए हैं साथ ही कहा है कि अगर जरूरत पड़े तो भारत सरकार इस मामले को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में भी अपील कर सकती है।
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याचिका में अंग्रेज कौर ने बताया है कि 1971 के भारत पाक युद्ध के दौरान उसके पति को पाकिस्तानी फौज ने कैद कर लिया था, लेकिन बीएसएफ ने सुरजीत सिंह को मृत मान लिया था। याचिकाकर्ता को समाचार पत्रों से पता चला कि उसका पति पाकिस्तान की जेल में है। पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने वर्ष 2011 में एक बयान जारी करते हुए बताया था कि सुरजीत सिंह अपनी 20 वर्षों की कैद पूरी करने के बाद अब भी पाकिस्तान की जेल में है। इस बारे में समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित हुए थे।
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याचिकाकर्ता ने बताया कि उसे के बार वर्ष 2004 में भी पता चला था कि उसके पति को पाकिस्तान जेल से रिहा कर दिया है। जब वह अपनी पति को लेने वाघा बॉर्डर पहुंची तो उसे वहां पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए एक अन्य कैदी मक्खन सिंह मिला था। उसने भी सुरजीत सिंह के पाकिस्तान की जेल में होने की बात कही थी बाद में मक्खन सिंह ने कुछ टीवी चैनलों को दिए अपने इंटरव्यू में भी इसका जिक्र किया था। मामले की सुनवाई पर केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि सुरजीत सिंह के मामले में केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से जानकारी मांगी थी जिसे पाकिस्तान ने देने से साफ इंकार कर दिया था।
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इस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा दी गई इस नई जानकारी पर केंद्र सरकार को पाकिस्तान सरकार से बात किये जाने के निर्देश दिए हैं साथ ही कहा है कि अगर जरूरत पड़े तो भारत सरकार इस मामले को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में भी अपील कर सकती है।