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देश की टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल पीयू से सौतेला व्यवहार: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Nov 2017 09:12 AM IST
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- फोटो : सांकेतिक चित्र
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पंजाब यूनिवर्सिटी की बदहाल वित्तीय स्थिति पर लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि डीयू और जेएनयू को टक्कर देने वाली यूनिवर्सिटी से सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है। आखिर क्यों टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल पीयू आज भी बदहाल है। इस पर कोर्ट को बताया गया कि दो दिन बाद चांसलर, पंजाब के गवर्नर, चंडीगढ़ के प्रशासक तथा वीसी की बैठक होगी। इसमें पीयू की आर्थिक स्थिति पर चर्चा होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस बैठक के बाद ही सुनवाई ज्यादा बेहतर होगी।
पीयू पर सौ करोड़ का अतिरिक्त बोझ
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सातवां वेतन आयोग लागू करने के आदेशों के बाद से पीयू के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि वेतन आयोग का लाभ देने के साथ ही दो साल का एरियर भी देना होगा। इससे पीयू पर एकदम से 100 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है और हर साल यदि यह बोझ देखें तो 33 करोड़ के लगभग होगा। इसी बाबत 10 नवंबर को भारत के उपराष्ट्रपति व पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, चंडीगढ़ के प्रशासक व पंजाब के राज्यपाल और पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तीनों की एक बैठक है जिसमें इस विषय पर चर्चा की जाएगी।
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पीयू पर सौ करोड़ का अतिरिक्त बोझ
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सातवां वेतन आयोग लागू करने के आदेशों के बाद से पीयू के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि वेतन आयोग का लाभ देने के साथ ही दो साल का एरियर भी देना होगा। इससे पीयू पर एकदम से 100 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है और हर साल यदि यह बोझ देखें तो 33 करोड़ के लगभग होगा। इसी बाबत 10 नवंबर को भारत के उपराष्ट्रपति व पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, चंडीगढ़ के प्रशासक व पंजाब के राज्यपाल और पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तीनों की एक बैठक है जिसमें इस विषय पर चर्चा की जाएगी।
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पंजाब ने मांगा दो हफ्ते का वक्त
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
पंजाब ने मांगा दो हफ्ते का वक्त
पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि पीयू की वित्तीय सहायता को लेकर उन्हें पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने समय देने की मांग स्वीकार करते हुए और पीयू को तत्काल फंड की जरूरत देखते हुए केंद्र सरकार समेत सभी को आदेश दिए हैं कि जिनकी ओर से फंड आना बाकी है वे सभी फंड रिलीज करें। साथ ही सभी पक्षों को इस पर अपना हलफनामा सौंपने के भी आदेश दिए हैं।
विश्व में पीयू की साख : अदालत
हाईकोर्ट ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी केवल देश की ही नही वरन विश्व में अपनी एक खास साख रखती है लेकिन बड़े दुख की बात है कि अब इस को फंड की कमी से जूझना पड़ रहा हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि वर्तमान में मौजूद फंड से पीयू को चलाना मुश्किल हो गया है। इससे पहले कुलपति अरुण ग्रोवर ने एक फार्मूला भी सुझाया था। उनका कहना था कि अगर वित्त वर्ष के शुरू में ही केंद्र सरकार 60 करोड़ और पंजाब सरकार 40 करोड़ रुपये जारी कर दे तो पीयू इस फंड को रिजर्व के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। अब हाईकोर्ट ने कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि 1 अप्रैल को पीयू के पास अपना कॉर्पस हो जिससे इमरजेंसी की स्थिति में पीयू का कोई काम न रुके।
पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि पीयू की वित्तीय सहायता को लेकर उन्हें पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने समय देने की मांग स्वीकार करते हुए और पीयू को तत्काल फंड की जरूरत देखते हुए केंद्र सरकार समेत सभी को आदेश दिए हैं कि जिनकी ओर से फंड आना बाकी है वे सभी फंड रिलीज करें। साथ ही सभी पक्षों को इस पर अपना हलफनामा सौंपने के भी आदेश दिए हैं।
विश्व में पीयू की साख : अदालत
हाईकोर्ट ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी केवल देश की ही नही वरन विश्व में अपनी एक खास साख रखती है लेकिन बड़े दुख की बात है कि अब इस को फंड की कमी से जूझना पड़ रहा हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि वर्तमान में मौजूद फंड से पीयू को चलाना मुश्किल हो गया है। इससे पहले कुलपति अरुण ग्रोवर ने एक फार्मूला भी सुझाया था। उनका कहना था कि अगर वित्त वर्ष के शुरू में ही केंद्र सरकार 60 करोड़ और पंजाब सरकार 40 करोड़ रुपये जारी कर दे तो पीयू इस फंड को रिजर्व के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। अब हाईकोर्ट ने कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि 1 अप्रैल को पीयू के पास अपना कॉर्पस हो जिससे इमरजेंसी की स्थिति में पीयू का कोई काम न रुके।