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टावर पर टीचर्स: हाईकोर्ट में बोले- वादाखिलाफी हुई, कैसे करें सरकार पर भरोसा

Wed, 30 Nov 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 30 Nov 2016 12:21 AM IST
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टावर पर चढ़े शिक्षकों के प्रतिनिधि ने हाईकोर्ट में ने दी जानकारी
नियुक्ति न दिए जाने से नाराज होकर टावर पर चढ़े शिक्षकों को लेकर लिए गए हाईकोर्ट के संज्ञान वाली याचिका पर शिक्षकों ने सीधे तौर पर पंजाब के सीएम पर निशाना साधा। शिक्षकों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में कहा है कि सीएम ने उन्हें 26 सितंबर तक नियुक्ति का आश्वासन दिया था। हालांकि दो माह बीतने के बाद भी कोई नियुक्ति नहीं दी गई। अब पंजाब सरकार कोर्ट में कह रही है कि 31 मार्च तक नियुक्ति दे देंगे तो उन पर कैसे विश्वास कर लें। 
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हाईकोर्ट ने इस पर शिक्षकों की प्रतिनिधि से कहा कि यह लंबी प्रक्रिया होती है और इसमें समय लगता है। मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने कोर्ट को बताया कि हलफनामा दाखिल करने के लिए यूनियन का कोई भी अधिकृत व्यक्ति मौजूद नहीं है। ऐसे में वे हलफनामा नहीं दाखिल कर सकती। इसके उन्होंने कोर्ट से कुछ समय मांगा। हाईकोर्ट ने कहा कि जब पंजाब सरकार समय मांगती है तो शिक्षकों को दिक्कत होती है और अब जब खुद समय मांग रहे हैं, तो क्यों दिया जाए। इस पर तनु बेदी ने कोर्ट को बताया कि शिक्षक इस समय सरकार के साथ वार्ता कर रहें हैं। उन्हें भय है कि यदि उन्होंने यहां कोई हलफनामा दिया तो वे इसके प्रति बंध जाएंगे। 
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पंजाब सरकार ने कहा, ब्लैकमेल कर रहे हैं शिक्षक

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उन्होंने कहा कि वे यूनियन लीडरों से बात कर रहीं हैं और उन्हें दो दिन का समय दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि एक ओर तो कोर्ट इन शिक्षकों के बारे इतना सोच रहा है और दूसरी ओर यह अपनी जिद पर अड़े हैं। ऐसे में हाईकोर्ट क्यों उनकी परवाह करे। कोर्ट ने कहा कि क्यों न इस संज्ञान वाली याचिका को समाप्त कर इसे सरकार और शिक्षकों के बीच छोड़ दें। इस पर बेदी ने हाईकोर्ट से अपील की कि इन शिक्षकों ने मजबूरी में यह कदम उठाया है, उन्होंने न तो कोई हिंसा की है और न ही कोई जाम लगाया है।

उनको सिर्फ वीरवार तक का समय दिया जाए। इसी बीच पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि लीडरों ने इन शिक्षकों को मोहरा बनाया है और खुद पर्दे के पीछे हैं। ऐसे में उन्हें हाईकोर्ट समन करे। एमिकस क्यूरी ने इस पर विरोध करते हुए कहा कि वे यूनियन के लीडरों से संपर्क में हैं और ऐसे में समन आदेश न जारी किए जाएं। हाईकोर्ट ने वीरवार के लिए सुनवाई को टालते हुए नियुक्तियों के बारे में जानकारी और इसका माध्यम बताने के साथ ही यूनियन के लीडर अमरजीत कंबोज और कमल ठाकुर को बुलाने के लिए तनु बेदी को कहा।

शिक्षक बिना नियुक्ति पत्र के टावर से नीचे उतरने को तैयार 
कोर्ट मित्र तनु बेदी ने कहा कि उन्होंने शिक्षकों से पहले बात की तो उन्होंने बिना नियुक्ति पत्र के टावर से उतरने से इंकार कर दिया था। इसके बाद जब उन्होंने कोर्ट का आदेश दिखाया तो वे अब नीचे उतरने को तैयार हैं, लेकिन उनका कहना है कि पंजाब सरकार ऐसा कोई तो कदम दिखाए, जिससे लगे कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रही है। 
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