फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab haryana highcourt, International airport

एयरपोर्ट बनाते समय क्यों नहीं बना पैरलल टैक्सी ट्रैक: हाईकोर्ट

Wed, 19 Apr 2017 09:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 19 Apr 2017 09:22 AM IST
विज्ञापन
Punjab haryana highcourt, International airport
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार होने के दो साल बाद अब पैरलल टैक्सी ट्रैक बनाने की कवायद शुरू करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब 1400 करोड़ खर्च किए जा रहे थे तो क्या अधिकारी सो रहे थे। तब क्यों नहीं, इस बारे में ध्यान दिया गया। अब जब एयरपोर्ट बन कर तैयार है तो पैरलल टैक्सी ट्रैक के निर्माण के नाम पर इसे कुछ समय बंद करने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से पैरलल टैक्सी रनवे की स्थिति पर जवाब मांगा तो केंद्र सरकार ने बताया कि रनवे के लिए भूमि अधिग्रहण की जो योजना बनाई गई थी, अब उससे अधिक भूमि के अधिग्रहण का फैसला लिया गया है। इसके लिए केंद्र के मंत्रालयों की मंजूरी की प्रक्रिया जारी है, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि नौकरशाहों के स्तर पर जो देरी की जाती है, उसका नतीजा आम आदमी की गाढ़ी कमाई से अतिरिक्त भुगतान के रूप में भुगताना पड़ता है। यदि पैरलल रनवे बनाना ही था तो पहले भूमि का अधिग्रहण किया होता और एयरपोर्ट के आरंभ होने से पहले ही टैक्सी ट्रैक बना लिया जाता। हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि यदि यह मामला हाईकोर्ट में लंबित नहीं होता तो शायद अभी तक इंटरनेशनल फ्लाइट तक आरंभ नहीं होती।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने इस दौरान केंद्र से पूछा कि पैरलल रनवे के लिए कितना समय लगेगा। इस पर केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि टेंडर जारी कर कॉन्ट्रैक्ट अलॉट कर दिया गया है। अभी विभिन्न स्तरों पर मंजूरियां ली जानी हैं और मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम के पूरा होने में 8 से 10 महीनों का समय लग सकता है। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि इस निर्माण कार्य के लिए बड़े पैमाने पर भारी मशीनें यहां लगाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगर घाटा है तो प्राइवेट कंपनियां अमृतसर से उड़ान शुरू करने को तैयार क्यों

Punjab haryana highcourt, International airport
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
फ्लाइट्स प्रभावित कम हों इसके लिए बनाया प्लान
केंद्र सरकार ने बताया कि पैरेलल रनवे के निर्माण से फ्लाइट्स प्रभावित न हों, इसके लिए पहले रनवे के चारों ओर का काम पूरा किया जाएगा। सबसे बाद में पैरेलल रनवे का काम शुरू किया जाएगा। रनवे का काम शुरू न होने तक रनवे से लाइट्स नहीं हटाई जाएंगी। जब रनवे पर काम आरंभ होगा तो रात के समय फ्लाइट्स नहीं चल पाएंगी। केंद्र सरकार ने बताया कि जिसे पैरेलल रनवे के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है, उस कंपनी को यह बता दिया गया है कि उसे दिन में सिर्फ शाम 6 से सुबह 6 बजे के बीच ही काम करना होगा। एयर फोर्स और कॉन्ट्रैक्टर में चर्चा होनी है, जिसमे इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने की पुख्ता योजना तैयार की जाएगी।

फ्लाइट्स का टाइम बदलना समझ के बाहर
हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र की योजना हमारी समझ के बाहर है। एयरपोर्ट बनने से पहले यह काम होना था। केंद्र सरकार ने कहा कि इस काम के लिए एयरफोर्स से चर्चा करनी और जमीन का अधिग्रहण किया जाना था। अब जल्द से जल्द काम भी शुरू हो जाएगा। हाईकोर्ट ने इस जानकारी के बाद केंद्र सरकार को 26 मई को मामले की अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

अगर घाटा है तो प्राइवेट कंपनियां अमृतसर से उड़ान शुरू करने को तैयार क्यों
एयर इंडिया ने अमृतसर से उड़ानें कम करने पर दलील दी कि दिल्ली से बर्मिंघम की फ्लाइट में पिछले साल एयर इंडिया को 133 करोड़ का घाटा हुआ। हाईकोर्ट ने कहा कि जब अन्य कंपनियों को इसमें फायदा है तो एयर इंडिया को नुकसान कैसे हो रहा है। कई बड़ी विदेशी एयर लाइंस अमृतसर से इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू करने में दिलचस्पी दिखा चुकी हैं, जो बताता है कि एयर इंडिया की बातें हवा हवाई हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट को नौकरशाहों का दफ्तर न समझें, यहां सिर्फ तथ्यों के आधार पर ही दलील दी जाए।

यदि फ्लाइट्स में दिलचस्पी नहीं तो एयर इंडिया को ताला लगा दो

Punjab haryana highcourt, International airport
यदि फ्लाइट्स में दिलचस्पी नहीं तो एयर इंडिया को ताला लगा दो
हाईकोर्ट ने कहा कि जब कमाई और सेवाएं देने का बेहतर मौका होता है तो न जाने सरकारी विभाग इससे चूक क्यों जाते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि बीएसएनएल के पास व्यापार बढ़ाने की जबरदस्त संभावनाएं थीं, परंतु आज निजी कंपनियां बीएसएनएल पर हावी हैं। इसी प्रकार का हाल एयर इंडिया का भी है, आज जब मौका है कि बेहतर व्यापार किया जाए तो एयर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू करने में रुचि नहीं है। यदि ऐसा ही रवैया रखना है तो एयर इंडिया को बंद कर ताला क्यों नहीं लगा देते। कम से कम अन्य कंपनियों के लिए विकल्प तो खुलेंगे।

राउंड टेबल पर प्राइवेट कंपनियों को मौका
दिल्ली से बर्मिंघम और टोरंटो जाने वाली फ्लाइट्स में 60 से 90 प्रतिशत यात्री पंजाब के होते हैं फिर भी एयर इंडिया न तो खुद अमृतसर से सीधे बमिंर्घम और टोरंटों के लिए फ्लाइट्स शुरू कर रही है और न ही किसी अन्य एयरलाइन को शुरू करने की इजाजत दे रही है। इस स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन को निर्देश दिए हैं कि सभी निजी एयरलाइंस कंपनियां जो अमृतसर से इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू करने के लिए तैयार हैं, उनके साथ बैठक करें। केंद्र सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल, याचिकाकर्ता अमृतसर विकास मंच के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक के नतीजों के बारे में मामले की अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को जानकारी दी जाएगी।

हिसार एयरपोर्ट के लिए हो एमओयू
हरियाणा सरकार की लगभग 3300 एकड़ भूमि सबसे बड़े एयरपोर्ट के लिए पेशकश पर हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से जवाब मांगा। इससे पूर्व हरियाणा सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हिसार एयरपोर्ट को इंटीग्रेटिड हब के रूप में विकसित करने की अपील कर चुकी है। हाईकोर्ट ने कहा कि हिसार का एयरपोर्ट दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के केंद्र में है और ऐसे में यह दिल्ली का बोझ कम करने में भी मददगार साबित होगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि हर बार दिल्ली को ही क्यों प्रमोट किया जाता है। जब दिल्ली एयरपोर्ट पर भीड़ इतनी अधिक बढ़ गई है तो क्यों नहीं दिल्ली का विकल्प देखा जाता। हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली के इतने करीब इतनी अधिक भूमि होना एक एडवांटेज है और ऐसे में इस सुनहरे मौके को नहीं खोना चाहिए क्योंकि इससे अच्छा विकल्प मिल ही नहीं सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया व एमओयू साइन कर इसे अमली जामा पहनाने की दिशा में प्रयास किया जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed