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उद्योगों को सुविधा तो किसान वंचित क्यों, सरकार इस पर करे विचार: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Nov 2017 09:17 AM IST
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- फोटो : सांकेतिक चित्र
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय किसान यूनियन सहित 5 किसान संगठनों द्वारा बुधवार को फगवाड़ा के चहेड़ू पुल से शुरू किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन मामले में पंजाब सरकार को फटकार लगाई है।
हाईकोर्ट ने कहा कि उद्योग और औद्योगिक घरानों को प्रदेश में सुविधाओं का वायदा किया जाता है तो सुविधाओं से किसानों को क्यों वंचित किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के चलते नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक के बाधित होने से आम लोगों को होने वाली परेशानी के अंदेशे के चलते दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की।
पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि किसानों को अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करने का हक है , बशर्ते उससे आम जनता को कोई परेशानी न हो। कोर्ट ने कहा कि कानून की सीमा में रह कर अपनी मांग रखना सबका हक है और उस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब सरकार बड़े बड़े औद्योगिक घरानों व औद्योगिक इकाई को हर तरह की सुविधा देने का वायदा कर रही है तो किसानों को उनकी मांग के अनुसार उचित सुविधा व उनका हक क्यों नही दिया जा रहा। कोर्ट ने सरकार को इस पर विचार करने की सलाह भी दी है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि उद्योग और औद्योगिक घरानों को प्रदेश में सुविधाओं का वायदा किया जाता है तो सुविधाओं से किसानों को क्यों वंचित किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के चलते नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक के बाधित होने से आम लोगों को होने वाली परेशानी के अंदेशे के चलते दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की।
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पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि किसानों को अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करने का हक है , बशर्ते उससे आम जनता को कोई परेशानी न हो। कोर्ट ने कहा कि कानून की सीमा में रह कर अपनी मांग रखना सबका हक है और उस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब सरकार बड़े बड़े औद्योगिक घरानों व औद्योगिक इकाई को हर तरह की सुविधा देने का वायदा कर रही है तो किसानों को उनकी मांग के अनुसार उचित सुविधा व उनका हक क्यों नही दिया जा रहा। कोर्ट ने सरकार को इस पर विचार करने की सलाह भी दी है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि किसानों को सरकार ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन के लिए कपूरथला के भुला राय की अनाज मंडी में इजाजत दी है। किसान बुधवार को तीन बजे तक वहां पर प्रदर्शन कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान किसानों की तरफ से भी कोर्ट को बताया गया कि वो अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेगें। बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की सुनवाई 22 नवंबर तक स्थगित कर दी।
इस मामले में अराइव सेफ संस्था के अध्यक्ष हरमन सिद्धू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि किसानों के इस विरोध प्रदर्शन से आम नागरिकों को कोई भी परेशानी नहीं आनी चाहिए। संस्था ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में बताया है कि उन्हें पता चला है कि बुधवार 15 नवंबर से पांच किसान संगठन सरकार के विरोध में कपूरथला जिले के फगवाड़ा के नेशनल हाईवे नंबर-1 पर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन में लगभग 5 हजार के करीब किसान शामिल होने की संभावना है।
इस दौरान नेशनल हाईवे को बंद किया जाएगा और हो सकता है कि इस हाईवे से दिल्ली से लाहौर जाने वाली बस को भी रोका जाए। यह बेहद ही व्यस्त हाईवे है। अगर किसान इस हाईवे पर प्रदर्शन करते हैं तो आम लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। लिहाजा याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की थी कि वह पंजाब सरकार को इस प्रदर्शन के दौरान आम लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश दें।
इस मामले में अराइव सेफ संस्था के अध्यक्ष हरमन सिद्धू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि किसानों के इस विरोध प्रदर्शन से आम नागरिकों को कोई भी परेशानी नहीं आनी चाहिए। संस्था ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में बताया है कि उन्हें पता चला है कि बुधवार 15 नवंबर से पांच किसान संगठन सरकार के विरोध में कपूरथला जिले के फगवाड़ा के नेशनल हाईवे नंबर-1 पर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन में लगभग 5 हजार के करीब किसान शामिल होने की संभावना है।
इस दौरान नेशनल हाईवे को बंद किया जाएगा और हो सकता है कि इस हाईवे से दिल्ली से लाहौर जाने वाली बस को भी रोका जाए। यह बेहद ही व्यस्त हाईवे है। अगर किसान इस हाईवे पर प्रदर्शन करते हैं तो आम लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। लिहाजा याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की थी कि वह पंजाब सरकार को इस प्रदर्शन के दौरान आम लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश दें।