{"_id":"654afcd7397dfe31af086f36","slug":"punjab-haryana-high-court-states-defense-ministry-will-take-decision-regarding-mining-in-border-area-2023-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Highcourt: हाईकोर्ट की चिंता-देश की सुरक्षा सर्वोपरि, सीमा के पास खनन पर रक्षा मंत्रालय ले निर्णय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Highcourt: हाईकोर्ट की चिंता-देश की सुरक्षा सर्वोपरि, सीमा के पास खनन पर रक्षा मंत्रालय ले निर्णय
Wed, 08 Nov 2023 08:43 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 08 Nov 2023 08:43 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में पंजाब पीने के पानी को तरस जाएगा। इससे पहले बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और सेना हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कह चुकी है कि अवैध खनन के चलते सीमा के आस-पास गड्ढे बन गए हैं।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सीमा के निकट खनन को लेकर मंगलवार को स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस क्षेत्र में खनन को लेकर निर्णय रक्षा मंत्रालय ही लेगा। अगली सुनवाई पर मंत्रालय अदालत को सूचित करेगा कि किस प्रकार और कितने क्षेत्र में वैध खनन की अनुमति दी जा सकती है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बताया कि उनको जानकारी मिली है कि सीमावर्ती क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये का नशा पकड़ा गया है, जो चिंता का गंभीर विषय है।
इस मामले में चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर है। पंजाब सरकार को हर वर्ष करीब 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही अवैध खनन करते हुए नियमों और मानकों को ताक पर रख दिया जाता है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि प्राकृतिक आपदा का भय भी बढ़ जाता है।
सुनवाई के दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि खनन राज्य का विषय है, लेकिन रक्षा मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा के 20 किलोमीटर क्षेत्र में खनन से पूर्व उनसे परामर्श आवश्यक है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब रक्षा मंत्रालय को वैध खनन को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
बीएसएफ और सेना उठा चुकी हैं सवाल
इससे पहले बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और सेना हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कह चुकी है कि अवैध खनन के चलते सीमा के आस-पास गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इसके साथ ही यह गड्ढे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगार साबित हो रहे हैं। दिन-रात खनन होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इस शोर का फायदा उठाकर ड्रोन सीमा सीमा पार करवाए जाते हैं और इससे नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बताया कि उनको जानकारी मिली है कि सीमावर्ती क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये का नशा पकड़ा गया है, जो चिंता का गंभीर विषय है।
इस मामले में चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर है। पंजाब सरकार को हर वर्ष करीब 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही अवैध खनन करते हुए नियमों और मानकों को ताक पर रख दिया जाता है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि प्राकृतिक आपदा का भय भी बढ़ जाता है।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि खनन राज्य का विषय है, लेकिन रक्षा मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा के 20 किलोमीटर क्षेत्र में खनन से पूर्व उनसे परामर्श आवश्यक है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब रक्षा मंत्रालय को वैध खनन को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
बीएसएफ और सेना उठा चुकी हैं सवाल
इससे पहले बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और सेना हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कह चुकी है कि अवैध खनन के चलते सीमा के आस-पास गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इसके साथ ही यह गड्ढे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगार साबित हो रहे हैं। दिन-रात खनन होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इस शोर का फायदा उठाकर ड्रोन सीमा सीमा पार करवाए जाते हैं और इससे नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं।