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पीजीआई में कर्मियों की हड़ताल पर हाईकोर्ट का कड़ा रवैया, 'टल रही सर्जरी, अब नहीं रह सकते मौन'
Wed, 28 Aug 2019 10:29 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 28 Aug 2019 10:29 AM IST
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आउट सोर्स सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मंगलवार को पीजीआई में सभी सर्जरी टालने की जानकारी मिलने पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रवैया अपनाया। कोर्ट ने कहा कि अब हम मौन नहीं रह सकते। पीजीआई के सफाई कर्मचारियों द्वारा हड़ताल के लिए जारी 22 अगस्त के नोटिस पर रोक लगाते हुए डीजीपी और एसएसपी को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं कि कोई हड़ताली कर्मचारी पीजीआई के कामकाज को प्रभावित न कर पाए।
पंचकूला निवासी विजय बंसल ने एडवोकेट विवेक शर्मा के जरिये हड़ताल के कारण पीजीआई में आने वाले लोगों को हो रही परेशानी के मद्देनजर जनहित याचिका दायर की है। मंगलवार को पीजीआई की ओर से बताया गया कि हड़ताल के कारण सभी छोटी-बड़ी सर्जरी का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस दौरान यूटी प्रशासन की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल पंकज जैन ने कहा कि पीजीआई प्रबंधन से सूचना मिली थी कि हड़ताली कर्मचारी अन्य कर्मचारियों के काम में बाधा डाल रहे हैं।
सूचना मिलते ही पीजीआई में तत्काल पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी और फिलहाल उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि इस हड़ताल से किसी को भी अस्पताल में आने जाने की कोई दिक्कत हो रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि सर्जरी जैसा अहम कार्य प्रभावित होना बहुत गंभीर विषय है और ऐसे में इस मामले में दखल बहुत जरूरी है।
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पंचकूला निवासी विजय बंसल ने एडवोकेट विवेक शर्मा के जरिये हड़ताल के कारण पीजीआई में आने वाले लोगों को हो रही परेशानी के मद्देनजर जनहित याचिका दायर की है। मंगलवार को पीजीआई की ओर से बताया गया कि हड़ताल के कारण सभी छोटी-बड़ी सर्जरी का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस दौरान यूटी प्रशासन की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल पंकज जैन ने कहा कि पीजीआई प्रबंधन से सूचना मिली थी कि हड़ताली कर्मचारी अन्य कर्मचारियों के काम में बाधा डाल रहे हैं।
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सूचना मिलते ही पीजीआई में तत्काल पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी और फिलहाल उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि इस हड़ताल से किसी को भी अस्पताल में आने जाने की कोई दिक्कत हो रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि सर्जरी जैसा अहम कार्य प्रभावित होना बहुत गंभीर विषय है और ऐसे में इस मामले में दखल बहुत जरूरी है।
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याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि पीजीआई में सफाई कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने 26 और 27 अगस्त और फिर बाद में 6 और 7 सितंबर को समान कार्य समान वेतन और रेगुलराइजेशन की मांग को लेकर हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल में हॉस्पिटल अटेंडेंट और सेनेटरी अटेंडेंट के तौर पर काम कर रहे कर्मी शामिल हैं।
उनकी दलील थी कि पीजीआई उतर भारत का सबसे बड़ा अस्पताल है जहां न सिर्फ चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल और जम्मू कश्मीर जैसे दूर-दराज के राज्यों से हर रोज औसतन 10 हजार लोग अपना इलाज करवाने आते हैं । हड़ताल के कारण मरीजों को इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट के दखल की मांग करते हुए यह जनहित याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने फिलहाल हड़ताल के नोटिस पर रोक लगाते हुए सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
उनकी दलील थी कि पीजीआई उतर भारत का सबसे बड़ा अस्पताल है जहां न सिर्फ चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल और जम्मू कश्मीर जैसे दूर-दराज के राज्यों से हर रोज औसतन 10 हजार लोग अपना इलाज करवाने आते हैं । हड़ताल के कारण मरीजों को इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट के दखल की मांग करते हुए यह जनहित याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने फिलहाल हड़ताल के नोटिस पर रोक लगाते हुए सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।