Highcourt News: सस्ते सोने का प्रलोभन देकर करता था ठगी, कैंडी बाबा के खिलाफ शिकायतों का ब्योरा तलब
कैंडी बाबा व उसके सहयोगियों ने जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान सामने आया था कि कैंडी बाबा के पास डेरे से जुड़े कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लोगों को सस्ते में सोना देने का प्रलोभन देकर ठगी करने के आरोपी कैंडी बाबा के खिलाफ आई शिकायतों का ब्योरा मांगा है। इस संबंध में कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक को आदेश जारी किए हैं।
कैंडी बाबा व उसके सहयोगियों ने जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान सामने आया था कि कैंडी बाबा के पास डेरे से जुड़े कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है। हाईकोर्ट ने कुरुक्षेत्र प्रशासन को आदेश दिया था कि डेरे की संपत्ति कब्जे में लेकर उसकी सूची तैयार की जाए। यह भी विचार किया जाए कि डेरा को स्कूल या अस्पताल में कैसे बदला जा सकता है। हरियाणा के डीजीपी और कुरुक्षेत्र के डीसी ने जवाब दाखिल किया था कि केवल 50 मरला निर्माण पर विवाद है, क्योंकि यह भूमि कैंडी बाबा के नाम नहीं है। इस भूमि का कब्जा पंचायत को दिला दिया गया है।
कोर्ट को बताया गया था कि कैथल में भी कैंडी बाबा ने कई लोगों को चूना लगाया है। लोग शिकायत देते हैं, लेकिन पुलिस इन्हें रफा दफा कर देती है। अब हाईकोर्ट ने कैंडी बाबा के खिलाफ आई शिकायतों का ब्योरा कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र के एसपी से तलब कर लिया है।
रेस्टोरेंट से हवेली शब्द हटाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
जालंधर के मशहूर हवेली रेस्टोरेंट और अमृतसर हवेली के बीच का विवाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। अमृतसर हवेली से हवेली शब्द हटाने के डायरेक्टर कारपोरेट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आदेश पर रोक लगाते हुए सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
अमृतसर हवेली की ओर से सीनियर एडवोकेट पुनीत जिंदल ने हाईकोर्ट को बताया कि उनके क्लाइंट ने अमृतसर हवेली के नाम को रजिस्टर करवाया था। इस नाम में हवेली के विवाद को लेकर जालंधर के हवेली रेस्टोरेंट्स एंड रिसॉर्ट्स की तरह से डायरेक्टर कारपोरेट अफेयर को शिकायत देते हुए याचिकाकर्ता के रेस्टोरेंट से हवेली शब्द हटाने का निर्देश जारी करने की अपील की गई थी। 24 जून को डायरेक्टर कारपोरेट अफेयर ने याचिकाकर्ता को तीन माह में नाम बदलने का आदेश दिया था। इस आदेश को अमृतसर हवेली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि हवेली जेनरिक फ्रेज यानि की एक सामान्य शब्द है। हवेली जैसे शब्द पर किसी का एकाधिकार कैसे हो सकता है। याची ने कहा कि उसकी कंपनी का नाम शिकायतकर्ता की कंपनी से अलग है और दोनों का लोगो भी अलग है। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।