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बीसीसीआई के नाम पर धोखाधड़ी: आरोपियों की जमानत रद्द करने की मांग पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Thu, 09 Dec 2021 08:42 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 09 Dec 2021 08:42 PM IST
सार

चित्रा की नियमित जमानत की मांग ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी जिसके बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने 11 नवंबर 2021 को शिकायतकर्ताओं के साथ समझौता होने के चलते चित्रा को नियमित जमानत दे दी।

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Punjab-Haryana High Court sought Answer on demand for cancellation of bail of fraud accused
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीसीसीआई द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में शामिल कराने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी की आरोपी चित्रा बोरा को मिली नियमित जमानत रद्द करने की मांग पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने चित्रा व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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राहुल यादव व अन्य ने एडवोकेट रोहित खन्ना, रोहित चंदेल व ओमर सिद्दीकी के माध्यम से बताया कि वह खिलाड़ी हैं और गुरुग्राम के एक एकेडमी में दाखिल हुए थे। इस दौरान उन्हें बताया गया कि एक टूर्नामेंट आयोजित होने वाला है और इसमें हिस्सा लेने के लिए 10 लाख रुपये देने होंगे। यह राशि दे दी गई लेकिन बाद में पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद उन्होंने शिकायत दी जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर चित्रा बोरा व अन्य को गिरफ्तार कर लिया। 
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चित्रा की नियमित जमानत की मांग ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी जिसके बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने 11 नवंबर 2021 को शिकायतकर्ताओं के साथ समझौता होने के चलते चित्रा को नियमित जमानत दे दी। शर्त के अनुसार चित्रा को याचिकाकर्ताओं को 5 लाख रुपये देने थे। याची ने बताया कि उसे 5 लाख रुपये का चेक दिया गया था जो बैंक में जमा करवाया गया। याची को पता चला कि दस्तखत का मिलान न होने के चलते रकम का भुगतान नहीं हो सकता। 
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याची को यह जानकर हैरानी हुई कि ट्रायल कोर्ट के समक्ष 5 लाख रुपये के भुगतान की फर्जी रसीद पेश की गई, जिस पर याची के फर्जी हस्ताक्षर थे। ऐसे में ट्रायल कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप उसे जमानत दे दी। याची ने कहा कि यह पूरी तरह से फर्जीवाड़ा है और ऐसे में चित्रा बोरा के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जमानत रद्द करने की हाईकोर्ट से मांग की गई है।  

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