फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court says Punjab government should use Artificial Intelligence for increased cases

Highcourt: हाईकोर्ट ने पहली बार दिया एआई के इस्तेमाल का सुझाव, कहा-बढ़ रही मामलों की संख्या

Wed, 18 Oct 2023 08:08 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 18 Oct 2023 08:08 AM IST
सार

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पहली बार सरकार को एआई के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में अनुबंध पर काम करने वाली महिला की याचिका का निपटारा करते हुए नियमित करने पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
Punjab-Haryana High Court says Punjab government should use Artificial Intelligence for increased cases
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि कानून तय होने के बावजूद कोर्ट में मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। पंजाब सरकार को चाहिए कि वे अपने स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर ऐसे मामलों की पहचान करे और इन्हें लोक अदालत में लाकर इनका निपटारा करवाए। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने पहली बार सरकार को एआई के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में अनुबंध पर काम करने वाली महिला की याचिका का निपटारा करते हुए नियमित करने पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Chandigarh News: कर्मचारी का वेतन न देने पर मेयर अनूप गुप्ता की संपत्ति अटैच करने का आदेश, जानें- पूरा मामला
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए निशा रानी ने हाईकोर्ट को बताया कि सरकार ने उसे नियमित करने से इस आधार पर इन्कार कर दिया, क्योंकि 18 मार्च 2011 की रेगुलराइजेशन पॉलिसी में उच्च शिक्षा विभाग का नाम नहीं था। याची बाकी सभी योग्यता मानकों को पूरा करती है।

हाईकोर्ट ने कहा कि नीति में विभाग का नाम न होने के मामले में हाईकोर्ट ने श्रीपाल बनाम पंजाब सरकार मामले में कानून को स्पष्ट किया है। बावजूद इसके इस प्रकार के मामले अदालतों में लंबित हैं। जरूरत यह है कि ऐसे मामलों की पहचान की जाए और हाईकोर्ट को इनकी सूची दी जाए, ताकि इन्हें लोक अदालत में लाकर निपटारा किया जा सके। ऐसे मामलों की पहचान के लिए पंजाब एआई का इस्तेमाल कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता का मामला भी इस तय कानून के तहत आता है। ऐसे में पंजाब सरकार उसकी तीन वर्ष की सेवा पूरी होने की तिथि से नियमित करने पर आदेश जारी करे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed