फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court says Do not force freedom fighters to come to court for pension

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी: स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन के लिए भीख का कटोरा लेकर अदालत आने को मजबूर न करें

Tue, 11 Jan 2022 10:00 AM IST
निवेदिता वर्मा विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 11 Jan 2022 10:00 AM IST
सार

स्वतंत्रता सेनानी की विधवा को पेंशन के लिए पांच साल इंतजार करने पर हाईकोर्ट ने यह नसीहत दी। इसके साथ ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को पेंशन दो माह के अंदर शुरू करने का आदेश दिया। 

विज्ञापन
Punjab-Haryana High Court says Do not force freedom fighters to come to court for pension
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी को पेंशन के लिए तीन साल इंतजार करवाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। मद्रास हाईकोर्ट का हवाला देते हुए जस्टिस राज मोहन सिंह ने कहा कि पेंशन के लिए स्वतंत्रता सेनानियों को भीख का कटोरा लेकर कोर्ट आने को मजबूर न किया जाए।

विज्ञापन


होशियारपुर निवासी विद्या देवी ने एडवोकेट ज्योति सरीन के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई थी। याचिका में बताया गया कि उसके पति राम स्वरूप की 3 नवंबर, 2017 को मौत हो गई थी। वे स्वतंत्रता सेनानी थे, जिसके चलते केंद्र सरकार की स्वतंत्रता सेनानी सम्मान योजना के तहत उसे पेंशन मिलती थी। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से भी उसे पेंशन मिलती थी। पति की मौत के बाद जब फैमिली पेंशन के लिए आवेदन किया गया तो राज्य सरकार ने तो पेंशन आरंभ कर दी, लेकिन केंद्र सरकार की पेंशन स्कीम में रोड़ा अटका दिया गया। 
विज्ञापन


तकनीकी कारणों को आधार बनाते हुए याची को फैमिली पेंशन से महरूम रखा गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों में लकीर का फकीर नहीं बनना चाहिए। जब तकनीकी कारण का निदान पता है तो समाधान की ओर बढ़ना चहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मद्रास हाईकोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन के लिए भीख का कटोरा लेकर अदालत आने को स्वतंत्रता सेनानियों को मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को चाहिए कि उनकी चौखट पर जाए और स्वतंत्रता में उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया जाए। हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार को दो माह के भीतर पेंशन की राशि जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही नवंबर 2017 से अब तक की पेंशन की राशि को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed