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Punjab-Haryana High Court : कोर्ट ने कहा- 16 साल की लड़की को पति संग रहने के लिए सुरक्षा मुहैया करवाए सरकार
Sun, 19 Jun 2022 01:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 19 Jun 2022 01:35 AM IST
सार
दंपती की सुरक्षा से जुड़ी याचिका मंजूर करते हुए कोर्ट ने जारी किया आदेश। कहा, मुस्लिम धर्म में यौन परिपक्वता पाने के बाद किया गया निकाह वैध।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
परिजनों की मर्जी के बिना विवाह करने वाले जोड़े की सुरक्षा से जुड़ी याचिका को मंजूर करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 16 साल की लड़की को पति संग रहने के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने का पठनकोट के एसएसपी को आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए दंपती ने बताया कि उन्होंने अपने घर वालों की मर्जी के बगैर विवाह किया है। दोनों ने मुस्लिम धर्म की रस्मों को पूरा करते हुए विवाह किया है। लड़के की आयु 22 साल है तो लड़की की आयु 16 वर्ष है।
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याची ने कहा कि मुस्लिम धर्म में यौन परिपक्वता पाने के बाद लड़का और लड़की दोनों का विवाह वैध माना जाता है। ऐसे में दोनों का विवाह वैध है और उन्हें सुरक्षा दी जाए। याची ने बताया कि उन्होंने पठानकोट के एसएसपी से भी सुरक्षा के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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हाईकोर्ट ने कहा कि मुस्लिमों का विवाह मुस्लिम पर्सनल लॉ के अधीन होता है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति जो यौन परिपक्वता प्राप्त कर लेता है, वह निकाह के योग्य माना जाता है। साथ ही यह भी स्पष्टीकरण है कि यदि सुबूत मौजूद नहीं है तो 15 वर्ष की आयु को निकाह योग्य माना जाता है।
साथ ही कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा का अधिकार है। कोर्ट ने पठानकोट के एसएसपी को याची दंपती की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।