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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court said drugs should not be used in Punjab Assembly elections 

नशे पर हाईकोर्ट सख्त: पंजाब विधानसभा चुनाव में नशे का इस्तेमाल न हो, सुनिश्चित करे चुनाव आयोग, सरकार को भी नोटिस

Thu, 13 Jan 2022 12:25 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 13 Jan 2022 12:25 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि राज्य में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सरकार के पास कोई रोड मैप है या नहीं, अगर नहीं है तो सरकार एक तय समय के भीतर यह रोड मैप बनाकर इसके बारे में हाईकोर्ट को सूचित करे।

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Punjab-Haryana High Court said drugs should not be used in Punjab Assembly elections 
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में नशे के कारोबार की गहरी जड़ों पर चिंता जताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में वोट के लिए नशे का इस्तेमाल न हो इसको सुनिश्चित करना जरूरी है। हाईकोर्ट ने नशे पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।

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हाईकोर्ट ने कहा कि 2012 के चुनाव में केवल एक महीने में 55 किलो हेरोइन और 430 किलो पॉपी हस्क जब्त हुई थी। इस बार चुनाव में ऐसा न हो, इसलिए कदम उठाना जरूरी है। अगले महीने पंजाब में चुनाव होने जा रहा है। चुनाव की पूरी प्रक्रिया नशा मुक्त हो और कहीं भी ड्रग्स फॉर वोट का मामला सामने न आए इसके लिए चुनाव आयोग को सक्रिय रहने की जरूरत है। 
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हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि राज्य में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सरकार के पास कोई रोड मैप है या नहीं, अगर नहीं है तो सरकार एक तय समय के भीतर यह रोड मैप बनाकर इसके बारे में हाईकोर्ट को सूचित करे। जस्टिस अजय तिवारी एवं जस्टिस पंकज जैन की खंडपीठ ने विभिन्न एनडीपीएस की याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह आदेश जारी किया है। 

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बदल गई पंजाब की तस्वीर 

नशे के बढ़ते मामलों और न्यायालय में लंबित 16000 अपीलों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सरसों की सुनहरी फसलों से लहलहाता पांच नदियों वाला प्रदेश अब नशे के कारण जान गंवाने वाले बच्चे की लाश को गोद में लिए बिलखती मां जैसा हो गया है।

पुस्तक का दिया हवाला 

एक बच्चा नदी में डूब रहा था और एक व्यक्ति बिलकुल नजदीक खड़ा था। जैसे ही उसने बच्चे को देखा तो उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा। फिर कुछ देर बाद एक और बच्चा आया फिर उसे बचाने को कूद पड़ा। इसके बाद एक और, एक और एक और बच्चे को बचाता गया। उसका ध्यान केवल बच्चों को बचाने पर केंद्रित था, इस बारे में विचार ही नहीं किया जा रहा था कि ये बच्चे आ कहां से रहे हैं और इसका कारण क्या है। नशे की समस्या को समझाने के लिए जस्टिस पंकज जैन ने लेखक डेविड कॉर्टेन की पुस्तक द न्यू इकोनमी का एक किस्सा आदेश में लिखा। 

नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से इन पांच सवालों पर मांगे जवाब

  1. क्या सरकार के पास नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए योजना है?

  2. नशे के जाल में फंसे युवाओं पर इसका क्या बुरा प्रभाव पड़ा है, क्या यह जानने के लिए कोई शोध हुआ है?

  3. राज्य में नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की क्या पहचान की गई है?

  4. यदि योजना है, शोध हुआ है और प्रभावित जिलों की पहचान है तो क्या ऐसे कारण हैं जो कुछ विशेष जिले इससे ज्यादा प्रभावित हैं?

  5. यदि योजना नहीं है, शोध नहीं हुआ और प्रभावित जिलों की पहचान नहीं है तो सरकार एक तय समय में इन सब को पूरा कर हाईकोर्ट को इसकी सूचना दे।

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