फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High court Released Notice to Haryana Minister Vipul Goyal

हाईकोर्ट पहुंचे निलंबित एचसीएस संदीप सिंह, उद्योग मंत्री विपुल गोयल को जारी किया गया नोटिस

Sat, 06 Oct 2018 09:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 06 Oct 2018 09:19 AM IST
विज्ञापन
Punjab Haryana High court Released Notice to Haryana Minister Vipul Goyal
हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल - फोटो : File Photo
निलंबित एसडीएम संदीप सिंह ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मंत्री विपुल गोयल को नोटिस जारी कर दिया। हरियाणा सरकार की ओर से निलंबित किए गए कनीना के एसडीएम संदीप सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव सहित महेंद्रगढ़ के डीसी और उद्योग मंत्री विपुल गोयल को 11 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन


जस्टिस ऋतु बाहरी ने संदीप सिंह द्वारा एडवोकेट प्रभजीत सिंह सुल्लर के जरिये दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। दायर याचिका में संदीप सिंह ने एक अक्तूबर को उन्हें निलंबित किए जाने के आदेश को चुनौती दी है। याचिका में संदीप सिंह ने कहा कि उनका निलंबन किसी डिपार्टमेंटल मिसकंडक्ट के कारण नहीं, बल्कि पूरी तरह से सियासी रंजिश के चलते किया गया है।
विज्ञापन


याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि वह महेंद्रगढ़ के कनीना में एसडीएम के पद पर कार्यरत थे। उनके पिता का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण वे 15 से 20 सितंबर तक अवकाश पर थे। इसी दौरान महेंद्रगढ़ के नारनौल में 20 सितंबर को डिस्ट्रिक ग्रीवेंस कमेटी की बैठक हुई। बैठक में राज्य के उद्योग मंत्री विपुल गोयल चेयरमैन थे। बैठक में याचिकाकर्ता की गैरमौजूदगी पर एक भाजपा समर्थक ने कहा कि याचिकाकर्ता के पिता पूर्व मंत्री रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर मंत्री ने उनके पिता को कई अपशब्द कहे और डीसी को मौखिक आदेश देते हुए याचिकाकर्ता को चार्जशीट किए जाने को कहा। जब याचिकाकर्ता को पता चला कि मंत्री ने उनके पिता और उनको अपशब्द कहे हैं तो उन्होंने 27 सितंबर गोयल के खिलाफ मानहानि का केस कर दिया। याचिकाकर्ता के अनुसार डिस्ट्रिक ग्रीवेंस कमेटी का कोई सांविधानिक अस्तित्व ही नहीं है। ऐसे में इसकी बैठक में उन्हें चार्जशीट के आदेश देना पूरी तरह से अवैध है।


बावजूद इसके 1 अक्तूबर को याचिकाकर्ता को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed