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भतीजी से दुष्कर्म मामले में दोषी फूफा को राहत देने से उच्च न्यायालय का इनकार, याचिका खारिज
Sat, 08 Aug 2020 11:45 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:45 AM IST
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अपनी 10 साल की मासूम भतीजी से दुराचार करने वाले फूफा को सजा में राहत देने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। फूफा ने 10 साल की सजा के खिलाफ अपील की थी जिसे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिर्या। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि राज्य सरकार अपील करती तो न्यायालय सजा बढ़ाने पर भी विचार कर सकता था।
मामला फरीदाबाद का है जहां दोषी फूफा अपनी 10 साल की भतीजी को साथ लेकर जंगल में बकरी के लिए चारा लेने गया था। इस दौरान उसने भतीजी से दुष्कर्म किया। घर पहुंच कर भतीजी ने यह बात अपनी बुआ को बताई। बच्ची ने परिजनों को सारी बात बताई । जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि पीड़िता के बयानों में फर्क है।
उसने पीड़िता से दुष्कर्म नहीं किया। उच्च न्यायालय ने कहा कि 10- 12 साल की बच्ची के बयानों में मामूली फर्क होने से याचिकाकर्ता का केस मजबूत नहीं होता। उच्च न्यायालय ने याचिका को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के मामले में न्यायालय राहत देने की सोच भी नहीं सकता।यदि राज्य सरकार ने अपील की होती तो सजा बढ़ाने पर भी विचार कर सकते थे।
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मामला फरीदाबाद का है जहां दोषी फूफा अपनी 10 साल की भतीजी को साथ लेकर जंगल में बकरी के लिए चारा लेने गया था। इस दौरान उसने भतीजी से दुष्कर्म किया। घर पहुंच कर भतीजी ने यह बात अपनी बुआ को बताई। बच्ची ने परिजनों को सारी बात बताई । जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि पीड़िता के बयानों में फर्क है।
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उसने पीड़िता से दुष्कर्म नहीं किया। उच्च न्यायालय ने कहा कि 10- 12 साल की बच्ची के बयानों में मामूली फर्क होने से याचिकाकर्ता का केस मजबूत नहीं होता। उच्च न्यायालय ने याचिका को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के मामले में न्यायालय राहत देने की सोच भी नहीं सकता।यदि राज्य सरकार ने अपील की होती तो सजा बढ़ाने पर भी विचार कर सकते थे।
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