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जल रही महिला को नहीं खुद को बचाने की कोशिश की, इसलिए उम्रकैद बरकरार रहेगी: हाईकोर्ट
Tue, 06 Aug 2019 11:35 AM IST
खुशबू गोयल
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 06 Aug 2019 11:35 AM IST
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फाइल फोटो
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कर्जदार महिला पर तेल डालकर जलाया और पड़ोसी को देखकर पानी डाल आग बुझाई तो यह महिला को बचाने का नहीं, बल्कि आरोपी ने खुद को बचाने का प्रयास किया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हिसार कोर्ट द्वारा सुनाई उम्रकैद के सजा के खिलाफ दाखिल अपील को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की है।
याचिका दाखिल करते हुए हिसार निवासी जरनैल सिंह ने हिसार सेशन कोर्ट के 25 अक्तूबर 2002 के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि महिला पर 16 फरवरी 2000 को तेल डालकर उसको जलाया गया था। इसके बाद उसे अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां उसके अंतिम बयान लिए गए।
याची ने दलील दी कि जिस पड़ोसी को चश्मदीद बताया गया वह अपने बयान से मुकर चुकी थी और मृतका का पति भी बयान से मुकर चुका है, बावजूद इसके हिसार जिला अदालत ने उसे केवल पीड़िता के बयान के आधार पर दोषी करार दे उम्रकैद की सजा सुना दी।
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याचिका दाखिल करते हुए हिसार निवासी जरनैल सिंह ने हिसार सेशन कोर्ट के 25 अक्तूबर 2002 के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि महिला पर 16 फरवरी 2000 को तेल डालकर उसको जलाया गया था। इसके बाद उसे अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां उसके अंतिम बयान लिए गए।
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याची ने दलील दी कि जिस पड़ोसी को चश्मदीद बताया गया वह अपने बयान से मुकर चुकी थी और मृतका का पति भी बयान से मुकर चुका है, बावजूद इसके हिसार जिला अदालत ने उसे केवल पीड़िता के बयान के आधार पर दोषी करार दे उम्रकैद की सजा सुना दी।
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हाईकोर्ट ने याची पक्ष और राज्य सरकार की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि पीड़िता के पास ऐसा कोई कारण नहीं था न कोई लालच था जो वह कर्ज देने वाले याची को फंसाए। साथ ही उसके अंतिम बयान पर शक करने का कोई कारण कोर्ट के पास नहीं है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट द्वारा उस बयान के आधार पर दोषी करार देना सही है।
याची की ओर से इस पर दलील दी गई कि याची अपने पैसे मांगने गया था और ऐसे में तैश में उसने तेल डाल कर आग लगा दी, लेकिन जब उसे गलती का एहसास हुआ तो उसने पीड़िता को बचाने के लिए पानी डाला। इसपर हाईकोर्ट ने कहा कि उसने पीड़िता को नहीं बल्कि खुद को बचाने का प्रयास किया, क्योंकि पड़ोसी ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया था।
इन्हीं दलीलों के साथ हाईकोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए याची को हिरासत में लेकर जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
याची की ओर से इस पर दलील दी गई कि याची अपने पैसे मांगने गया था और ऐसे में तैश में उसने तेल डाल कर आग लगा दी, लेकिन जब उसे गलती का एहसास हुआ तो उसने पीड़िता को बचाने के लिए पानी डाला। इसपर हाईकोर्ट ने कहा कि उसने पीड़िता को नहीं बल्कि खुद को बचाने का प्रयास किया, क्योंकि पड़ोसी ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया था।
इन्हीं दलीलों के साथ हाईकोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए याची को हिरासत में लेकर जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।