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Punjab Haryana HC: बार एसोसिएशन के प्रधान विकास मलिक की बढ़ी मुश्किलें, अंतरिम जमानत देने से कोर्ट का इनकार

Mon, 22 Jul 2024 11:10 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Mon, 22 Jul 2024 11:10 PM IST
सार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान विकास मलिक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हाईकोर्ट ने सोमवार को विकास मलिक की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

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Punjab haryana High Court refuses interim bail to High Court Bar Association President Vikas Malik
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान विकास मलिक को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा झटका देते हुए अंतरिम जमानत देने से इन्कार कर दिया। मलिक ने बार काउंसिल के समक्ष यौन उत्पीड़न व फंड के घोटाले से जुड़ी कार्यवाही में शामिल होने के लिए जमानत की मांग की थी।

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बार एसोसिएशन के प्रधान विकास मलिक व महासचिव स्वर्ण सिंह तिवाना के खिलाफ बार के फंड के दुरुपयोग को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। इस मामले में याचिकाकर्ता नोटिस सर्व करवाने के लिए प्रधान कार्यालय में गए थे और कथित तौर पर विकास मलिक व अन्य ने याची वकीलों से हाथापाई व मारपीट की। इसको लेकर एक जुलाई को एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
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मामला दोबारा सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एफआईआर की निगरानी करने का चंडीगढ़ के एसएसपी को आदेश दिया था। साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि आवश्यक अन्य धाराएं भी एफआईआर में जोड़ी जाएं। फंड के दुरुपयोग के मामले को हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को जल्द निपटाने का आदेश दिया था। साथ ही हाईकोर्ट में मलिक के खिलाफ महिला कर्मचारियों व वकीलों की आई शिकायतों को भी बार काउंसिल भेजते हुए उचित अंतरिम आदेश जारी करने की छूट दी थी। सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ने बताया कि फंड के दुरुपयोग व यौन उत्पीड़न की शिकायत की प्रतिदिन आधार पर सुनवाई हो रही है।
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इसी याचिका में एक अर्जी दाखिल करते हुए बार प्रधान विकास मलिक ने कहा था कि वह बार काउंसिल के समक्ष अपने खिलाफ चल रही कार्यवाही में पक्ष रखना चाहता है और ऐसे में उसे अंतरिम जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि याची को यदि जमानत चाहिए तो पहले वह जिला अदालत में आवेदन करे। जनहित याचिका में अर्जी दाखिल कर ऐसा नहीं करना चाहिए।

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