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हाईकोर्ट का सवाल- जेबीटी भर्ती घोटाले में अधिकारियों की पेंशन रोकी तो नेताओं पर मेहरबानी क्यों
Fri, 13 Dec 2019 10:35 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 13 Dec 2019 10:35 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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जेबीटी भर्ती घोटाले में दोषी अधिकारियों की पेंशन रोकने और नेताओं की पेंशन जारी रखने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जब अधिकारियों की पेंशन रोक दी है तो नेताओं पर सरकार मेहरबान क्यों है।
मामले में एक ब्लाक शिक्षा अधिकारी राम कुमार व अन्य ने याचिका दायर कर उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसके तहत उनके सभी सेवानिवृत्त लाभ व पेंशन रोकने का फैसला लिया गया है। याची के वकील ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला व 56 अधिकारियों को जेबीटी भर्ती घोटाले में दोषी करार दिया गया था।
2013 में कोर्ट ने सभी को सजा सुनाई थी, जिसके बाद सरकार ने 2015 में सभी अधिकारियों को पेंशन व सेवानिवृत्त लाभ रोकने के आदेश जारी कर दिए थे। अधिवक्ता ने बताया कि किसी भी कर्मचारी को उसकी पेंशन व सेवानिवृत्त लाभ से नहीं रोका जा सकता। सुनवाई में हरियाणा के एडवोकेट जनरल को कोर्ट में तलब करते हुए उन्हें खरी खोटी सुनाई।
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कोर्ट ने कहा कि जिन नेताओं को सजा हो चुकी है सरकार उनको उनकी पेंशन व सुविधा जेल तक देकर आती है, लेकिन इन अधिकारियों की पेंशन व लाभ रोकने में जुटी हुई है। सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने अब सभी को नोटिस जारी कर उनकी पेंशन व सुविधाओं की रिकवरी का फैसला लिया है।
सरकार के इस जवाब पर मामले की सुनवाई 14 फरवरी तक स्थगित करते हुए सरकार को स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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मामले में एक ब्लाक शिक्षा अधिकारी राम कुमार व अन्य ने याचिका दायर कर उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसके तहत उनके सभी सेवानिवृत्त लाभ व पेंशन रोकने का फैसला लिया गया है। याची के वकील ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला व 56 अधिकारियों को जेबीटी भर्ती घोटाले में दोषी करार दिया गया था।
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2013 में कोर्ट ने सभी को सजा सुनाई थी, जिसके बाद सरकार ने 2015 में सभी अधिकारियों को पेंशन व सेवानिवृत्त लाभ रोकने के आदेश जारी कर दिए थे। अधिवक्ता ने बताया कि किसी भी कर्मचारी को उसकी पेंशन व सेवानिवृत्त लाभ से नहीं रोका जा सकता। सुनवाई में हरियाणा के एडवोकेट जनरल को कोर्ट में तलब करते हुए उन्हें खरी खोटी सुनाई।
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कोर्ट ने कहा कि जिन नेताओं को सजा हो चुकी है सरकार उनको उनकी पेंशन व सुविधा जेल तक देकर आती है, लेकिन इन अधिकारियों की पेंशन व लाभ रोकने में जुटी हुई है। सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने अब सभी को नोटिस जारी कर उनकी पेंशन व सुविधाओं की रिकवरी का फैसला लिया है।
सरकार के इस जवाब पर मामले की सुनवाई 14 फरवरी तक स्थगित करते हुए सरकार को स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा गया है।