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एसिड अटैक पीड़ित ने आंखें खो दीं और केस तक दर्ज नहीं: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 19 Aug 2017 09:18 AM IST
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- फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसिड अटैक में दोनों आंखें खोने वाले धुरी निवासी मलकीत सिंह को कोर्ट के आदेश के बाद भी दो लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा न देने पर पंजाब के गृह सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने तेजाब फेंकने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने पर एसएसपी संगरूर को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि पीड़ित ने आंखें गंवा दीं और पुलिस ने मामला तक दर्ज नहीं किया।
इस मामले में मलकीत ने विक्टिम कंपनसेशन कमेटी संगरूर के 31 मार्च 2015 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे एसिड अटैक मामले में किसी भी तरह का मुआवजा देने से इनकार कर दिया गया था। विक्टिम्स कंपनसेशन कमेटी की दलील थी कि याची और आरोपी का पंचायत में समझौता हो गया है, इसलिए वह मुआवजा का अधिकारी नहीं है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना था कि विक्टिम्स कंपनसेशन के तहत मुआवजा लेना याचिकाकर्ता का हक हैं। ऐसे में उसे मुआवजा देने से इनकार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 24 मार्च को आदेश दिया था कि वह अंतरिम राहत के तौर पर याचिकाकर्ता को दो लाख रुपये अदा करे और कोर्ट बाकी मुआवजे पर बहस के बाद निर्णय करेगा।
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पंजाब सरकार ने कोर्ट के आदेश के बाद भी याचिकाकर्ता को मुआवजा की राशि अदा नहीं की। इस पर शुक्रवार को जस्टिस राजन गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के गृह सचिव को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया। इसके साथ कोर्ट ने एसएसपी संगरूर से पूछा है कि इस मामले में एफआईआर क्यों नही दर्ज की गई।
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इस मामले में मलकीत ने विक्टिम कंपनसेशन कमेटी संगरूर के 31 मार्च 2015 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे एसिड अटैक मामले में किसी भी तरह का मुआवजा देने से इनकार कर दिया गया था। विक्टिम्स कंपनसेशन कमेटी की दलील थी कि याची और आरोपी का पंचायत में समझौता हो गया है, इसलिए वह मुआवजा का अधिकारी नहीं है।
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याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना था कि विक्टिम्स कंपनसेशन के तहत मुआवजा लेना याचिकाकर्ता का हक हैं। ऐसे में उसे मुआवजा देने से इनकार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 24 मार्च को आदेश दिया था कि वह अंतरिम राहत के तौर पर याचिकाकर्ता को दो लाख रुपये अदा करे और कोर्ट बाकी मुआवजे पर बहस के बाद निर्णय करेगा।
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पंजाब सरकार ने कोर्ट के आदेश के बाद भी याचिकाकर्ता को मुआवजा की राशि अदा नहीं की। इस पर शुक्रवार को जस्टिस राजन गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के गृह सचिव को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया। इसके साथ कोर्ट ने एसएसपी संगरूर से पूछा है कि इस मामले में एफआईआर क्यों नही दर्ज की गई।