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जेल वार्डन पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
Tue, 26 Nov 2019 10:26 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 26 Nov 2019 10:26 AM IST
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फाइल फोटो
जेल वार्डन पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर मामले में सोनीपत के एसपी को हाईकोर्ट ने फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि कैसे इस मामले में पति पर एफआईआर दर्ज की गई। एसपी ने कहा कि विवाह प्रमाणपत्र फर्जी है इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे में धोखाधड़ी का मामला बनता है दुष्कर्म का नहीं। हाईकोर्ट ने अब शिकायतकर्ता पत्नी से जुड़े दस्तावेज तलब कर लिए हैं। सोमवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसपी से पूछा कि पुलिस ने किस आधार और कानून के तहत पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया।
इस पर एसपी ने कोर्ट को बताया कि पति ने फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनवाया है। इस पर कोर्ट ने पत्नी का आधार कार्ड, सरकारी नौकरी का रिकार्ड, बैंक रिकार्ड व कार्यक्त्रस्म की फोटो जहां पत्नी पति दोनो एक साथ बैठे है दिखा कर पूछा कि क्या यह सब फर्जी है। इस पर एसपी ने कहा कि नही यह सब ठीक हैं। कोर्ट ने कहा कि याची की पत्नी कोई बच्ची नही है वह सरकारी नौकरी कर रही है इतने सारे दस्तावेज में खुद वो याची को अपना पति मान रही है ऐसे में याची के खिलाफ दुष्कर्म का मामला कैसे दर्ज किया गया।
इस पर कोर्ट ने पुलिस को कहा कि अगर प्रमाणपत्र फर्जी था तो दुष्कर्म की बजाय याची पर धोखा धड़ी का मामला दर्ज किया जा सकता था। सुनवाई के दौरान याची को सलाह दी गई कि वो धोखाधड़ी मामले में जमानत के लिए अर्जी दायर करे। कोर्ट ने इस मामले के जांच अधिकारी को इस मामले में कोर्ट को सही जानकारी देने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील डीके टुटेजा व दिशांत टुटेजा ने बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता व उसकी पत्नी सात साल से अधिक समय से एक साथ रहे थे।
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एक दिन उसकी पत्नी घर का कीमती सामान लेकर चली गई। इसी कारण याची ने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बदले में पत्नी जो जेल विभाग में वार्डन है, उसने अपने पति के खिलाफ गोहाना पुलिस स्टेशन में सात सितंबर को दुष्कर्म का केस दर्ज करवा दिया। पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए पति को जेल भेज दिया। याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि एक पत्नी कैसे अपने पति पर रेप का आरोप लगा सकती है। पत्नी की सर्विस रिकार्ड, बैंक, आधार कार्ड सभी में उसके पति का नाम लिखा है।
पति के बैंक खाते में भी पत्नी का नाम लिखा है। याची के वकील ने सभी दस्तावेज समेत याची के भतीजे के विवाह के दौरान दोनों के पति-पत्नी के तौर उसको आशीर्वाद देने की फोटो भी कोर्ट में पेश की। याची ने आरोप लगाया कि पत्नी जेल विभाग में है। इसलिए उसने अपने विभाग का प्रयोग कर अपने पति के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवा दिया। इस पर हाईकोर्ट के जज ने हैरानी जताते हुए पूछा कि कैसे पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया।
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इस पर एसपी ने कोर्ट को बताया कि पति ने फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनवाया है। इस पर कोर्ट ने पत्नी का आधार कार्ड, सरकारी नौकरी का रिकार्ड, बैंक रिकार्ड व कार्यक्त्रस्म की फोटो जहां पत्नी पति दोनो एक साथ बैठे है दिखा कर पूछा कि क्या यह सब फर्जी है। इस पर एसपी ने कहा कि नही यह सब ठीक हैं। कोर्ट ने कहा कि याची की पत्नी कोई बच्ची नही है वह सरकारी नौकरी कर रही है इतने सारे दस्तावेज में खुद वो याची को अपना पति मान रही है ऐसे में याची के खिलाफ दुष्कर्म का मामला कैसे दर्ज किया गया।
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इस पर कोर्ट ने पुलिस को कहा कि अगर प्रमाणपत्र फर्जी था तो दुष्कर्म की बजाय याची पर धोखा धड़ी का मामला दर्ज किया जा सकता था। सुनवाई के दौरान याची को सलाह दी गई कि वो धोखाधड़ी मामले में जमानत के लिए अर्जी दायर करे। कोर्ट ने इस मामले के जांच अधिकारी को इस मामले में कोर्ट को सही जानकारी देने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील डीके टुटेजा व दिशांत टुटेजा ने बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता व उसकी पत्नी सात साल से अधिक समय से एक साथ रहे थे।
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एक दिन उसकी पत्नी घर का कीमती सामान लेकर चली गई। इसी कारण याची ने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बदले में पत्नी जो जेल विभाग में वार्डन है, उसने अपने पति के खिलाफ गोहाना पुलिस स्टेशन में सात सितंबर को दुष्कर्म का केस दर्ज करवा दिया। पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए पति को जेल भेज दिया। याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि एक पत्नी कैसे अपने पति पर रेप का आरोप लगा सकती है। पत्नी की सर्विस रिकार्ड, बैंक, आधार कार्ड सभी में उसके पति का नाम लिखा है।
पति के बैंक खाते में भी पत्नी का नाम लिखा है। याची के वकील ने सभी दस्तावेज समेत याची के भतीजे के विवाह के दौरान दोनों के पति-पत्नी के तौर उसको आशीर्वाद देने की फोटो भी कोर्ट में पेश की। याची ने आरोप लगाया कि पत्नी जेल विभाग में है। इसलिए उसने अपने विभाग का प्रयोग कर अपने पति के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवा दिया। इस पर हाईकोर्ट के जज ने हैरानी जताते हुए पूछा कि कैसे पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया।