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हाईकोर्ट का फरमान- तीन महीने का समय है, स्कूल बसों में सीट बेल्ट अनिवार्य करे शिक्षा विभाग

Sat, 18 Jan 2020 11:17 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 18 Jan 2020 11:17 AM IST
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Punjab Haryana High Court Orders for Education Department Regarding Seat Belt in School Buses
सीट बेल्ट
स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब स्कूलों की बसों में सीट बेल्ट अनिवार्य करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक कर हल निकालने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई होते ही हाईकोर्ट के समक्ष मुद्दा उठाया गया कि ऑटो में स्कूली बच्चों को थूंस-थूंस कर भरा जाता है।
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इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि छोटे बच्चों की जिंदगी को इस तरह कैसे खतरे में डाला जा सकता है। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यह आदेश दिए कि पहली से पांचवीं तक के बच्चे किसी भी ऑटो में चार से अधिक लेकर नहीं जा सकते। यदि कोई ऐसा करता है तो एसएसपी उस पर कार्रवाई को सुनिश्चित करें।
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इस दौरान कोर्ट ने कहा कि एंबुलेंस की तरह स्कूल बसों के प्रति विदेश में लोग बेहद संवेदनशील हैं। इसी तरह हमें भी होना चाहिए। कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिए कि वह सुनिश्चित करें कि स्कूल बसों को भी एंबुलेंस की तरह प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि स्कूल बसों में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सीट बेल्ट बहुत जरूरी है।
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इस पर प्रशासन ने कहा कि पुरानी बसों में इस तरह की फिटिंग मुश्किल होती है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी कोई मुश्किल नहीं आती है और जरूरत है तो केवल निर्णय लेने की। इसे अनिवार्य किया जाए फिर आगे स्कूलों का काम है कि वह कैसे इसका इंतजाम करते हैं। हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को आदेश दिए कि वह इन स्कूलों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर उन्हें इसके लिए निर्देशित करें।

कोई भी ट्रैफिक नियम तोड़े फोटो खींचो कार्रवाई होगी

हाईकोर्ट ने कहा कि शहर की हर सड़क पर ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं की जा सकती है। ऐसे में नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी बनती है कि यदि कोई ऐसा करता है तो उसकी फोटो खींच कर भेजा जाए और फिर उनपर एक्शन लिया जाएगा।

हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ की ड्राफ्ट पार्किंग पॉलिसी की तलब
मंगलवार को सौंपने के यूटी प्रशासन को आदेश दिए हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा कि पार्किंग पॉलिसी लगभग तैयार है और फरवरी अंत तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि इससे पहले कि इस पार्किंग पॉलिसी को लागु किया जाए वह इस पार्किंग पॉलिसी को देखना चाहते हैं। लिहाजा हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि पार्किंग को नोटिफाई किए जाने से पहले उसे हाईकोर्ट में पेश किया जाए।

पंचकूला और मोहाली से ट्रैफिक प्लान तलब
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि शहर के ट्रैफिक को बहुत हद तक मोहाली ओर पंचकूला का ट्रैफिक भी प्रभावित करता है। पंचकूला और मोहाली में लोग मनमाने तरीके से वाहन चलाते हैं और अक्सर तो पुलिस वालों से ही भिड़ जाते हैं। हाईकोर्ट ने अब दोनों जिलों का ट्रैफिक प्लान 15 दिन के भीतर तैयार कर इसे सौंपने के आदेश दिए हैं।
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