फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court ordered Punjab government to response on illegal colonies registration without NOC

Punjab: अवैध कॉलोनियों को बिना एनओसी पंजीकरण की मंजूरी वाली याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

Thu, 15 Dec 2022 11:16 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 15 Dec 2022 11:16 AM IST
सार

लुधियाना के रहने वाले प्रेम प्रकाश ने एडवोकेट आयुष गुप्ता के माध्यम से याचिका दाखिल कर बताया कि पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत अवैध कालोनियों को पंजीकृत करने पर पाबंदी थी। वर्ष 2014 और 2018 में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत अवैध कालोनियों को पंजीकृत करने के सरकार ने निर्देश जारी किए थे।

विज्ञापन
Punjab-Haryana High Court ordered Punjab government to response on illegal colonies registration without NOC
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध कॉलोनियों की बिना एनओसी के पंजीकरण की मंजूरी की सरकार की 12 दिसंबर 2019 की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब सरकार को 29 मई 2023 तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि इसकी अनुमति दी तो पंजाब अवैध कालोनियों से भर जाएगा।

विज्ञापन


लुधियाना के रहने वाले प्रेम प्रकाश ने एडवोकेट आयुष गुप्ता के माध्यम से याचिका दाखिल कर बताया कि पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत अवैध कालोनियों को पंजीकृत करने पर पाबंदी थी। वर्ष 2014 और 2018 में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत अवैध कालोनियों को पंजीकृत करने के सरकार ने निर्देश जारी किए थे। यह तय किया गया था कि सब-रजिस्ट्रार ऐसी किसी संपत्ति को पंजीकृत नहीं करेंगे जिसकी एनओसी नहीं होगी। वहीं, 12 दिसंबर 2019 को सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर एनओसी की बाध्यता हटा दी। याची ने कहा कि इससे अवैध कालोनियों के पंजीकरण का रास्ता सरकार ने साफ कर दिया है। हरियाणा के एक मामले में हाईकोर्ट पहले ही तय कर चुका है कि बिना एनओसी सेल डीड नहीं हो सकती।
विज्ञापन


पंजाब का जवाब था, कानून विभाग से परामर्श के बाद जारी की अधिसूचना
याची ने बताया कि इससे पहले भी इस विषय पर याचिका दाखिल की गई थी। उस दौरान पंजाब सरकार ने कहा था कि यह अधिसूचना कानून विभाग के परामर्श से जारी की गई है। अगर इस पर आपत्ति है तो सरकार फिलहाल इस अधिसूचना पर अपनी ओर से तब तक रोक लगाने को तैयार है, जब तक की याची की शिकायत पर दोबारा गौर नहीं कर लिया जाता। पंजाब सरकार के यह विश्वास दिलाने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था। पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने इस पर जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने का आदेश दिया था। पंजाब सरकार ने याची के मांगपत्र पर निर्णय लेते हुए इसे खारिज कर दिया। इसके बाद यह याचिका दोबारा दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने याची की दलीलों को सुनने के बाद पंजाब सरकार को 29 मई 2023 तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed