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अनुकंपा आधार पर नौकरी अधिकार नहीं, पर इसमें भेदभाव भी नहीं किया जा सकता: हाईकोर्ट
Tue, 15 Jan 2019 01:21 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 15 Jan 2019 01:21 PM IST
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अदालत का फैसला
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह के बेटे परमिंदर सिंह की तर्ज पर ही डीएसपी विजय कुमार के बेटे को भी एएसआई बनाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश कैट के आदेश के खिलाफ यूटी प्रशासन की ओर से दाखिल याचिका को खारिज करते हुए जारी किए हैं।
याचिका दाखिल कर यूटी प्रशासन की ओर से कहा गया था कि राहुल भारद्वाज के पिता डीएसपी विजय कुमार की 22 जनवरी 2014 को दिल का दौरा पड़ने से मौत को गई थी। उनकी पत्नी ने अपने बेटे राहुल के लिए अनुकंपा के आधार पर एएसआई की नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसे विभागीय कमेटी ने मंजूर भी कर दिया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर आपत्ति दर्ज कर दी थी।
इसके बाद कैट में याचिका दाखिल की गई और कैट ने राहुल को एएसआई बनाने के आदेश दिए थे। यूटी प्रशासन ने कहा कि राहुल ने परमिंदर सिंह की तर्ज पर एएसआई के पद पर नियुक्ति मांगी है, जबकि दोनों के मामले में स्थितियां अलग-अलग हैं। सुच्चा सिंह के बेटे परमिंदर सिंह को एएसआई बनाया गया क्योंकि वे एक अपराधी से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे, जबकि विजय कुमार की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
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हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि भले ही अनुकंपा आधार पर नौकरी किसी का अधिकार नहीं है, लेकिन जब अनुकंपा के आधार पर सुच्चा सिंह के बेटे परमिंदर सिंह को नौकरी दी गई तो समानता के अधिकार के तहत राहुल को भी एएसआई का पद दिया जाना चाहिए न कि कांस्टेबल का। हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ ही प्रशासन की याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि प्रशासन ने राहुल को कांस्टेबल पद पर नियुक्ति का ऑफर किया था।
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याचिका दाखिल कर यूटी प्रशासन की ओर से कहा गया था कि राहुल भारद्वाज के पिता डीएसपी विजय कुमार की 22 जनवरी 2014 को दिल का दौरा पड़ने से मौत को गई थी। उनकी पत्नी ने अपने बेटे राहुल के लिए अनुकंपा के आधार पर एएसआई की नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसे विभागीय कमेटी ने मंजूर भी कर दिया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर आपत्ति दर्ज कर दी थी।
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इसके बाद कैट में याचिका दाखिल की गई और कैट ने राहुल को एएसआई बनाने के आदेश दिए थे। यूटी प्रशासन ने कहा कि राहुल ने परमिंदर सिंह की तर्ज पर एएसआई के पद पर नियुक्ति मांगी है, जबकि दोनों के मामले में स्थितियां अलग-अलग हैं। सुच्चा सिंह के बेटे परमिंदर सिंह को एएसआई बनाया गया क्योंकि वे एक अपराधी से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे, जबकि विजय कुमार की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
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हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि भले ही अनुकंपा आधार पर नौकरी किसी का अधिकार नहीं है, लेकिन जब अनुकंपा के आधार पर सुच्चा सिंह के बेटे परमिंदर सिंह को नौकरी दी गई तो समानता के अधिकार के तहत राहुल को भी एएसआई का पद दिया जाना चाहिए न कि कांस्टेबल का। हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ ही प्रशासन की याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि प्रशासन ने राहुल को कांस्टेबल पद पर नियुक्ति का ऑफर किया था।