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निजी स्कूलों में फीस वृद्धि पर लगाई रोक के खिलाफ याचिका, हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को किया तलब

Thu, 02 Jul 2020 12:46 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 02 Jul 2020 12:46 PM IST
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Punjab Haryana High Court Notice to UT Administration Regarding Private Schools Fees
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर तीन जून को लगाई गई रोक के खिलाफ स्कूलों की संस्था इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन से जवाब तलब कर लिया है। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि उनकी संस्था में शहर के 78 निजी स्कूल हैं।
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प्रशासन ने 3 जून को आदेश जारी कर कहा है कि कोई भी निजी स्कूल यूटी प्रशासन की इजाजत के बिना स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकता है और ट्यूशन फीस भी सत्र 2019-20 में जो थी, वही सत्र 2020-21 में भी रहेगी। इसमें बिना पूर्व इजाजत बढ़ोत्तरी नहीं की जा सकती है। याचिकाकर्ता संस्था ने हाईकोर्ट को बताया है कि निजी स्कूलों ने एक्ट के तहत गत वर्ष दिसंबर माह में ही वर्ष 2020-21 का फीस स्ट्रक्चर प्रशासन के पास जमा करवा दिया था।
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ऐसे में अब 3 जून को यह आदेश जारी करना कि निजी स्कूल अब बिना प्रशासन की इजाजत के ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकते हैं और जो फीस पिछले सत्र में थी, वही इस सत्र में भी रहेगी, पूरी तरह से गलत है । क्योंकि स्कूलों की मैनेजमेंट चलाने और उसे बेहतर करने के लिए प्रत्येक वर्ष फीस में वृद्धि की जाती है। ऐसे में प्रशासन  का यह आदेश एक्ट के तहत ही गलत हैं। इसे रद्द किया जाए।
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