{"_id":"5d65fe518ebc3e018309f8a9","slug":"punjab-haryana-high-court-notice-to-haryana-minister-rao-narbir-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"शैक्षणिक योग्यता की झूठी जानकारी के आरोप पर मंत्री राव नरबीर बोले- मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शैक्षणिक योग्यता की झूठी जानकारी के आरोप पर मंत्री राव नरबीर बोले- मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश
Wed, 28 Aug 2019 09:39 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 28 Aug 2019 09:39 AM IST
विज्ञापन
राव नरबीर सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के मंत्री राव नरबीर द्वारा शैक्षणिक योग्यता की झूठी जानकारी देने के मामले में मंगलावर को राव नरबीर के वकील ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। इस पर हाईकोर्ट ने उन्हें 15 अक्तूबर तक लिखित जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता हरिंदर ढीगरा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उन्होंने 2017 में मंत्री राव नरबीर की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी मांगी थी। उन्हें सूचना नहीं मिली और प्रथम अपील दाखिल करनी पड़ी।
1 दिसंबर 2018 को उन्हें राव नरबीर के शपथ पत्रों और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया है कि राव नरबीर ने झूठे शैक्षणिक पत्र दाखिल किए है। ढींगरा ने बताया कि राव नरबीर ने 2005, 2009 और 2014 में चुनाव लड़े और शपथ पत्र दाखिल किए। उन्होंने 2005 में शपथपत्र में बताया कि उन्होंने दसवीं 1976 में उत्तर प्रदेश से की है। 2009 के चुनाव में शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि उन्होंने दसवीं बिरला विद्या मंदिर, नैनीताल से की है। उन्होंने 1986 में हिंदी साहित्य में हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग से ग्रेजुएशन करने की बात कही है।
आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि हिंदी साहित्य सम्मेलन को विश्वविद्यालय या बोर्ड की मान्यता नहीं है और ऐसे में इससे डिग्री लेकर सरकारी नौकरी लगे लोगों को हटाया जाए। इससे पहले याचिकाकर्ता ने गुडगांव कोर्ट में भी यह याचिका दायर की थी, लेकिन गुडगांव कोर्ट ने उसकी यह याचिका खारिज कर दी थी। अब याची ने हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की। जिसपर हाईकोर्ट ने अब 15 अक्तूबर तक राव नरबीर को लिखित जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
1 दिसंबर 2018 को उन्हें राव नरबीर के शपथ पत्रों और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया है कि राव नरबीर ने झूठे शैक्षणिक पत्र दाखिल किए है। ढींगरा ने बताया कि राव नरबीर ने 2005, 2009 और 2014 में चुनाव लड़े और शपथ पत्र दाखिल किए। उन्होंने 2005 में शपथपत्र में बताया कि उन्होंने दसवीं 1976 में उत्तर प्रदेश से की है। 2009 के चुनाव में शपथ पत्र दाखिल कर बताया कि उन्होंने दसवीं बिरला विद्या मंदिर, नैनीताल से की है। उन्होंने 1986 में हिंदी साहित्य में हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग से ग्रेजुएशन करने की बात कही है।
विज्ञापन
आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि हिंदी साहित्य सम्मेलन को विश्वविद्यालय या बोर्ड की मान्यता नहीं है और ऐसे में इससे डिग्री लेकर सरकारी नौकरी लगे लोगों को हटाया जाए। इससे पहले याचिकाकर्ता ने गुडगांव कोर्ट में भी यह याचिका दायर की थी, लेकिन गुडगांव कोर्ट ने उसकी यह याचिका खारिज कर दी थी। अब याची ने हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की। जिसपर हाईकोर्ट ने अब 15 अक्तूबर तक राव नरबीर को लिखित जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन