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हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव की याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन हाईकोर्ट में तलब, जानिए मामला
Tue, 23 Jun 2020 10:32 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 23 Jun 2020 10:32 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी मकान खाली न करने के आरोप में पचास गुना जुर्माना लगाए जाने के प्रकरण में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। याचिका हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव डी एस ढेसी ने दायर की थी। डी एस ढेसी ने याचिका में चंडीगढ़ प्रशासन के आदेश को रद्द करने की मांग की है।
याची के वकील दीपक बल्याण ने बेंच को बताया कि डी एस ढेसी हरियाणा के मुख्य सचिव के पद से 30 जून 2019 को सेवानिवृत्त हुए थे। 1998 में जब वे राज्य के मुख्यमंत्री के उप सचिव थे, उन्हें सेक्टर 7 में कोठी अलॉट हुई थी। साल 2010 में वो केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। दिल्ली में उनको मकान मिलने में देरी के चलते उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनको कुछ दिन के लिए यह मकान रखने दिया जाए, लेकिन प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी और तबादले के आदेश के दिन से उस मकान को खाली करने का आदेश दे दिया।
इस अनुसार याची ने जितने समय मकान का प्रयोग किया सामान्य किराए का पचास गुना जुर्माना लगाकर 3,23,348 रुपये जमा करवाने का आदेश दिया। याची ने बेंच को बताया कि नियम के अनुसार छह माह तक मकान रख सकते है। प्रशासन ने उसकी नहीं सुनी और जुर्माना लगा दिया। अब जब वह सेवानिवृत्त हुए उन्होंने प्रशासन से एनओसी के लिए आवेदन किया तो प्रशासन ने जुर्माने की राशि पर ब्याज जोड़ कर 6,59,425 रुपये जमा करवाने को कहा। प्रशासन ने एनओसी नहीं दी, जिस कारण उसके फंड में जमा 20 लाख के करीब रुपये नहीं निकाल पा रहा।
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याची के वकील दीपक बल्याण ने बेंच को बताया कि डी एस ढेसी हरियाणा के मुख्य सचिव के पद से 30 जून 2019 को सेवानिवृत्त हुए थे। 1998 में जब वे राज्य के मुख्यमंत्री के उप सचिव थे, उन्हें सेक्टर 7 में कोठी अलॉट हुई थी। साल 2010 में वो केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। दिल्ली में उनको मकान मिलने में देरी के चलते उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनको कुछ दिन के लिए यह मकान रखने दिया जाए, लेकिन प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी और तबादले के आदेश के दिन से उस मकान को खाली करने का आदेश दे दिया।
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इस अनुसार याची ने जितने समय मकान का प्रयोग किया सामान्य किराए का पचास गुना जुर्माना लगाकर 3,23,348 रुपये जमा करवाने का आदेश दिया। याची ने बेंच को बताया कि नियम के अनुसार छह माह तक मकान रख सकते है। प्रशासन ने उसकी नहीं सुनी और जुर्माना लगा दिया। अब जब वह सेवानिवृत्त हुए उन्होंने प्रशासन से एनओसी के लिए आवेदन किया तो प्रशासन ने जुर्माने की राशि पर ब्याज जोड़ कर 6,59,425 रुपये जमा करवाने को कहा। प्रशासन ने एनओसी नहीं दी, जिस कारण उसके फंड में जमा 20 लाख के करीब रुपये नहीं निकाल पा रहा।
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