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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court made it clear that it is cruelty by woman to give false complaints against her husband and in-laws 

हाईकोर्ट का अहम फैसला: पति और ससुराल के लोगों की झूठी शिकायतें करना पत्नी की क्रूरता, तलाक का आधार भी

Sun, 13 Feb 2022 12:07 AM IST
निवेदिता वर्मा विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 13 Feb 2022 12:07 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने पाया कि बैंक ने याची के नोटिस के जवाब में बताया कि उसने खुद जाकर प्रॉपर्टी की एवज में पैसा लिया था। ऐसे में याची द्वारा पति पर लगाया गया आरोप गलत साबित होता है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार झूठी शिकायतें देना सीधे तौर पर पति और ससुराल के लोगों के प्रति क्रूरता है।

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Punjab-Haryana High Court made it clear that it is cruelty by woman to give false complaints against her husband and in-laws 
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि महिला द्वारा पति व ससुराल वालों के खिलाफ झूठी शिकायतें देना क्रूरता है और इसे आधार बनाकर तलाक दिया जा सकता है। मोहाली निवासी गुरप्रीत सिंह ने मोहाली की परिवार अदालत में याचिका दाखिल करते हुए तलाक की मांग की थी।

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याचिका में गुरप्रीत सिंह ने बताया था कि उसका विवाह 16 नवंबर 2012 को हुआ था। विवाह के तुरंत बाद उसकी पत्नी अलग घर में रहने का दबाव बनाने लगी। उसने जब पत्नी से कहा कि उसकी मां को मां या मम्मी बोलो तो इससे भी उसने इनकार कर दिया। जब उसने पत्नी का अलग रहने का दबाव नहीं माना तो 13 दिसंबर 2012 को वह घर छोड़कर चली गई। इसके बाद पत्नी ने गुरप्रीत सिंह व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपहरण, धोखाधड़ी व जालसाजी की शिकायतें दे दीं। 
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ट्रायल के दौरान सभी रिश्तेदारों को बरी कर दिया गया। गुरप्रीत को भी केवल दो धाराओं में समन किया गया। ट्रायल कोर्ट ने इसे पत्नी की क्रूरता मानते हुए तलाक का आदेश दिया था। अब पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया कि गुरप्रीत सिंह ने याची की प्रॉपर्टी को धोखे से बैंक में गिरवी रख दिया। इसके साथ ही सास पर भी आरोप लगाया कि वह उसके साथ बहुत बुरा बर्ताव करती थी। हाईकोर्ट ने पाया कि बैंक ने याची के नोटिस के जवाब में बताया कि उसने खुद जाकर प्रॉपर्टी की एवज में पैसा लिया था। ऐसे में याची द्वारा पति पर लगाया गया आरोप गलत साबित होता है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार झूठी शिकायतें देना सीधे तौर पर पति और ससुराल के लोगों के प्रति क्रूरता है।

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