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एचसीएस भर्तीः हाईकोर्ट ने कहा- 16 साल से नौकरी कर रहे हैं लोग, अब कैसे कर सकते हैं खारिज

Mon, 08 Oct 2018 08:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 08 Oct 2018 08:00 PM IST
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punjab haryana high court hearing case of HCS recruitment 2002
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

2002 में चौटाला शासन काल में नियुक्त 65 एचसीएस अधिकारियों की भर्ती को चुनौती देने वाली करण सिंह दलाल को छोड़कर बाकी सब याचिकाएं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने दलाल से पूछा है कि वह बताएं कि अब इस याचिका का क्या औचित्य बचा है और किस प्रकार के आदेश जारी किए जा सकते हैं।

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मामला सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस अमित रावल की विशेष खंडपीठ के समक्ष पहुंचा था। विभिन्न याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं के वकीलों की लंबी अवधि से गैर मौजूदगी देखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि लगता है कि ये लोग अब याचिकाओं पर सुनवाई नहीं चाहते हैं। ऐसे में इन सभी याचिकाओं को खारिज किया जाता है। इस दौरान कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल की याचिका पर भी सुनवाई हुई। 
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हाईकोर्ट ने कहा कि जो लोग 18 साल से नौकरी कर रहे हैं उन्हें एक झटके में कैसे निकाला जा सकता है। रही बात नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाले आवेदकों की तो वह अब इस पद पर आवेदन करने के लिए ओवर एज हो चुके हैं। ऐसे में इस भर्ती को खारिज करने का लाभ उनको भी नहीं मिल पाएगा। कोर्ट की टिप्पणी के बावजूद दलाल के वकील ने याचिका पर टिके रहने का निर्णय लिया। 

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punjab haryana high court hearing case of HCS recruitment 2002
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : File Photo

इस पर हाईकोर्ट ने दलाल से पूछा है कि वह बताएं कि वर्तमान परिस्थितियों को किस प्रकार के आदेश जारी किए जा सकते हैं। 23 अक्तूबर को अब दलाल को इस बारे में उनका पक्ष रखना होगा और उनका पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट इस याचिका पर फैसला सुनाएगा। हाईकोर्ट में यह मामला पिछले 16 साल से विचाराधीन हैं लेकिन मामला जहां से चला था अभी तक वही खड़ा हैं। 

 हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एके सीकरी अप्रैल 2013 में इस मामले में सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित भी रखा था। लेकिन उनके सुप्रीम कोर्ट में चले जाने के कारण वो अपना फैसला नही सुना सके और इस केस पर एक साल बाद अब दोबारा सुनवाई शुरू हुई थी। इस मामले में हाईकोर्ट के कई जजों की बैंच कुछ चयनित उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिका देख चुके हैं। कई बार जांच में पाया गया कि इतिहास व भूगोल के कुछ पेपर में खामियां थी। कुछ उम्मीदवारों ने मैप नही भरा या गलत भरा तो कुछ का मैप ही गायब था, फिर भी उनको अंक दिए गए।

यह था मामला
कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल याचिका दाखिल करते हुए कहा था एचसीएस भर्ती में चहेतों को नौकरी देने के लिए उन्हें लिखित परीक्षा में कम अंक होने के बावजूद इंटरव्यू में ज्यादा अंक देकर चयन कर लिया गया। चौटाला सरकार ने अपने नजदीकी व चहेते लोगों को नियुक्ति देने के लिए इस भर्ती में धांधली की और योग्य लोगों को अनदेखा कर अयोग्य लोगों को नियुक्ति दे दी। इस मामले में विजिलेंस से लेकर कई स्तर पर जजों ने भी जांच में पाया था कि भर्ती में धांधली हुई हैं।

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