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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court granted regular bail to father for taking care of child

Highcourt News: बच्चे की खुशखबरी पड़ी थी भारी, 7 महीने काटी जेल, अब मिली नवजात की परवरिश की जिम्मेदारी

Sun, 26 Feb 2023 08:58 AM IST
निवेदिता वर्मा विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 26 Feb 2023 08:58 AM IST
सार

याची के खिलाफ बाल विवाह निरोधक अधिनियम व पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया। याची को बताया कि विवाह के समय युवती की आयु 16 वर्ष थी और गर्भ के वक्त 17 साल। 
याची ने कहा कि विवाह के समय उसे इस बारे में जानकारी नहीं थी और न ही जान बूझकर इस कार्य को किया है। याची की पत्नी ने भी अपने पति का जमानत याचिका में बयान के माध्यम से साथ दिया।

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Punjab-Haryana High Court granted regular bail to father for taking care of child
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

विस्तार

अपनी तरह के एक अलग मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक पिता को नियमित जमानत का लाभ उस बच्चे की देखरेख के लिए दी है, जिसके पैदा होने के चलते वह पिछले 7 माह से जेल में था। पारिवारिक सहमति से हुए विवाह के बाद जब याची पत्नी को अस्पताल लेकर पहुंचा तो डॉक्टर की खुशखबरी के साथ ही वहां पुलिस भी पहुंच गई और तब से वह जेल में था।
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याचिका दाखिल करते हुए करनाल निवासी याचिकाकर्ता ने बताया कि उसका विवाह करनाल में रीति रिवाजों के साथ हुआ था। एक दिन उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ी तो वह उसे लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचा। अस्पताल प्रबंधन ने उसे बधाई देते हुए बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है। उसकी यह खुशी ज्यादा देर न रह सकी और पुलिस ने पहुंच कर उसके खिलाफ बाल विवाह निरोधक अधिनियम व पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया। याची को बताया कि विवाह के समय युवती की आयु 16 वर्ष थी और गर्भ के वक्त 17 साल। 
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याची ने कहा कि विवाह के समय उसे इस बारे में जानकारी नहीं थी और न ही जान बूझकर इस कार्य को किया है। याची की पत्नी ने भी अपने पति का जमानत याचिका में बयान के माध्यम से साथ दिया। याची ने कहा कि उसकी पत्नी अब बच्चे को जन्म दे चुकी है और उसे अपने बच्चे और पत्नी की परवरिश करनी है। हरियाणा सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में पोक्सो एक्ट की धाराएं जुड़ी हुईं हैं। ऐसे में याची को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने वर्तमान हालातों व नवजात की परवरिश के आधार पर याचिकाकर्ता को नियमित जमानत का लाभ दे दिया। करनाल की ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत रद्द करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया।
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