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हाईकोर्ट की टिप्पणी: गर्भावस्था विशेष परिस्थिति, जमानत के लिए अपराध की गंभीरता को कर सकते हैं नजरअंदाज

Mon, 18 Dec 2023 07:59 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 18 Dec 2023 07:59 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि एक महिला की गर्भावस्था एक विशेष परिस्थिति है, जिसमें अपराध की गंभीरता को कुछ समय के लिए नजरअंदाज किया जा सकता है। गर्भवती महिला की जमानत पर फैसला लेते हुए पैदा होने वाले बच्चे के हित को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, जिसे जेल में जन्म लेने की उम्मीद नहीं होगी।

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Punjab-Haryana High Court granted bail to pregnant woman accused of smuggling
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 55 किलो चूरा पोस्त की तस्करी की आरोपी महिला को उसकी गर्भावस्था के आधार पर जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि गर्भावस्था विशेष परिस्थिति है और इसके आधार पर जमानत देते हुए कुछ समय के लिए अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज किया जा सकता है।

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याचिका दाखिल करते हुए महिला ने बताया कि उसके खिलाफ 2 जून को लुधियाना में एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप के अनुसार याची को 55 किलो चूरा पोस्त के साथ पकड़ा गया था। याची की इससे पहले दाखिल जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। कुछ समय पहले ही याचिकाकर्ता को पता चला कि वह गर्भवती है और ऐसे में वह नहीं चाहती कि बच्चे का जन्म जेल में हो।
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होने वाले बच्चे के लिए भी दर्दनाक
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि हिरासत में बच्चे का जन्म न केवल मां के लिए बल्कि होने वाले बच्चे के लिए भी दर्दनाक होता है, क्योंकि जब भी बच्चे से उसके जन्म के बारे में पूछताछ की जाती है, तो उसके मानस पर हमेशा प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 

एक महिला की गर्भावस्था एक विशेष परिस्थिति है, जिसमें अपराध की गंभीरता को कुछ समय के लिए नजरअंदाज किया जा सकता है। गर्भवती महिला की जमानत पर फैसला लेते हुए पैदा होने वाले बच्चे के हित को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, जिसे जेल में जन्म लेने की उम्मीद नहीं होगी। ऐसे में तब तक जमानत से इन्कार नहीं किया जाना चाहिए, जब तक कि यह स्पष्ट न हो कि याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा करने में गंभीर खतरा है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए याची को जमानत दे दी है।

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