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Punjab-Haryana High Court: आवेदक की ऊंचाई निकली डेढ़ सेंटीमीटर कम, HC ने लगाया एक लाख का जुर्माना, जानिए क्या है मामला
Fri, 17 Jun 2022 01:03 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 17 Jun 2022 01:03 AM IST
सार
झज्जर निवासी युवक को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पर कमांडो भर्ती में कद के अंक कम देने का आरोप लगाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कमांडो भर्ती में कद के अंक कम देने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए याची की ओर से जमा करवाई गई एक लाख की राशि को गरीब लोगों के इलाज के लिए चंडीगढ़ सेक्टर-32 के जीएमसीएच में देने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए झज्जर निवासी याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने कमांडो विंग में पुरुष कांस्टेबल की भर्ती निकाली थी। इस पद के लिए याची ने भी आवेदन किया था। याची ने बताया कि उसकी ऊंचाई 9 जून 2021 को मापी गई थी। उसकी ऊंचाई के लिए उसे 8 अंक दिए गए जबकि 185 सेंटीमीटर ऊंचाई के लिए 10 अंक दिए जाते हैं। उसने झज्जर के सिविल अस्पताल में अपनी ऊंचाई मापी थी।
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याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसे 10 अंक देने का आयोग को निर्देश दिया जाए। आयोग की ओर से कहा गया था कि ऊंचाई मांपने में कोई गलती नहीं हुई है और याची का दावा गलत है। याची ने कहा कि वह दोबारा ऊंचाई की जांच के लिए तैयार है। इसपर हाईकोर्ट ने कहा था कि इसके लिए याची को एक लाख रुपये हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करवाने होंगे। इसके बाद याची को 20 मई को जीएमसीएच 32 में पेश होकर ऊंचाई की जांच करवानी होगी। यदि याची का दावा सही निकला तो यह राशि उसे वापस दे दी जाएगी और यदि दावा गलत निकला तो यह एक लाख दंड के रूप में रुपये जीएमसीएच 32 में गरीब रोगियों के इलाज के लिए बनाए गए कल्याण कोष में देने होंगे।
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मेडिकल जांच में डाक्टरों ने पाया कि याची का दावा गलत है। उसका कद 183.5 सेंटीमीटर है। इसके बाद हाईकोर्ट ने अब याचिका को खारिज करते हुए याची द्वारा जमा करावाए 1 लाख रुपये जीएमसीएच 32 में गरीबों केइलाज के लिए जारी करने का आदेश दिया है।