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Highcourt News: राधा स्वामी सत्संग ब्यास डेरे को राहत, सरकार से मिली वन भूमि वापस लेने की मांग खारिज
Tue, 18 Oct 2022 11:58 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 18 Oct 2022 11:58 AM IST
सार
कोर्ट को बताया गया कि इस भूमि पर 4747 वृक्ष थे। वृक्ष काटने पर रोक के बावजूद आवासीय भवनों, बड़े शेड, गोदाम, आवासीय क्वार्टरों, प्लेटफार्मों, कार पार्किंग, स्कूटर और साइकिल स्टैंड आदि का निर्माण करने के लिए इन्हें काटा गया।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
विस्तार
राधा स्वामी सत्संग भवन को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा डेरे को दी गई 40.34 हेक्टेयर वन भूमि वापस लेने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हरियाणा सरकार ने 6 जनवरी 1998 को पत्र जारी कर रायपुररानी के नजदीक मौजूद बीर घग्गर में मौजूद यह भूमि डेरा बाबा जयमल सिंह को सौंपी थी।
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पंचकूला निवासी गौरव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि हरियाणा सरकार ने जुलाई 1973 को बीर घग्गर में 341 एकड़ भूमि को वन घोषित किया था। इसके कुछ वर्ष बाद 1991 को राधा स्वामी सत्संग डेरे ने सत्संग भवन स्थापित करने के लिए हरियाणा सरकार से 40.34 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करवाने के लिए आवेदन किया था। भूमि का आवंटन होने से पहले ही निर्माण आरंभ होने पर स्थानीय लोगों और डेरे के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
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इसके बाद भी 1995 में डेरे से भूमि के आसपास कंटीले तार लगाने आरंभ किए तो डीएफओ ने इसमें उनकी मदद की। 1997 में भारत सरकार ने शर्तों के साथ भूमि देने की छूट दी, लेकिन वृक्ष काटने पर रोक लगाई। कोर्ट को बताया गया कि इस भूमि पर 4747 वृक्ष थे। वृक्ष काटने पर रोक के बावजूद आवासीय भवनों, बड़े शेड, गोदाम, आवासीय क्वार्टरों, प्लेटफार्मों, कार पार्किंग, स्कूटर और साइकिल स्टैंड आदि का निर्माण करने के लिए इन्हें काटा गया। याचिका में भूमि को उसकी मूल स्थिति में बहाल करने और जंगली जानवरों व पक्षियों की हत्या के लिए दोषी लोगों से भरपाई करने का निर्देश जारी करने की हाईकोर्ट से अपील की गई।
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