फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High Court building Chandigarh administration

चंडीगढ़ में ही हो हाईकोर्ट की इमारत: अदालत को बाहर ले जाकर दो राज्यों के बीच विवाद का कारण नहीं बनना चाहते

Sat, 02 Aug 2025 10:25 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 02 Aug 2025 10:25 AM IST
सार

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आईटी पाई में हाईकोर्ट के लिए स्थान देने पर जवाब मांगा तो प्रशासन ने इससे इनकार कर दिया। प्रशासन ने दलील दी कि यह जमीन तकनीकी विकास के लिए है। हाईकोर्ट परिसर के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता है वह यहां उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती।

विज्ञापन
Punjab Haryana High Court building Chandigarh administration
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईकोर्ट के लिए वैकल्पिक इमारत के मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि इमारत चंडीगढ़ में ही चाहिए, किसी अन्य स्थान को लेकर दोनों राज्यों के बीच के विवाद का हम कारण नहीं बनना चाहते हैं। कोर्ट ने सभी पक्षों को 7 अगस्त को बैठक कर इस विषय के साथ ही अन्य विकल्पों पर विचार के बाद सुझाव सौंपने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आईटी पाई में हाईकोर्ट के लिए स्थान देने पर जवाब मांगा तो प्रशासन ने इससे इनकार कर दिया। प्रशासन ने दलील दी कि यह जमीन तकनीकी विकास के लिए है। हाईकोर्ट परिसर के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता है वह यहां उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती। भविष्य की जरूरतों को लेकर सारंगपुर में यह जमीन उपलब्ध हो सकती है। साथ ही आईटी पार्क में अधिक ऊंची इमारतें नहीं बनाई जा सकती क्योंकि यह सुखना वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी को प्रभावित करेगा और पक्षियों को भी। 
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि आईटी पार्क बन सकता है, होटल ललित बन सकता है तो हाईकोर्ट की इमारत क्यों नहीं। कोर्ट को बताया गया कि 123 एकड़ भूमि को हाउसिंग बोर्ड को दिया गया है ताकि निर्माण कार्य किया जा सके। प्रशासन ने कहा कि मास्टर प्लान में चेंज ऑफ लैंड यूज का प्रावधान नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान बताया गया कि मेट्रो से कनेक्टिविटी बढ़ेगी, इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह आपके पूरे शहर को बर्बाद कर देगी। कोर्ट ने कहा कि अतिरिक्त भूमि हम अपने लिए नहीं मांग रहे हैं हम सबके लिए मांग रहे हैं। अभी जजों के लिए 85 मंजूर पद हैं कल को मान लो 15 बढ़ जाएंगे हम 100 हो जाएंगे तब क्या करेंगे। कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं लगता है कोई इस इमारत को छोड़ना चाहेगा, हमारी भावना जुड़ी हुई है।

पुरानी सोच से बाहर आएं, भविष्य को देखते हुए शहर बसाएं

कोर्ट से अनुरोध किया गया कि मनमानी करने वाले वकीलों का चालान किया जाना चाहिए और सख्ती बढ़ाई जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि हम वकीलों और पुलिस को आमने-सामने नहीं लाना चाहते। गेट 1 से लेकर रॉक गार्डन तक वाहनों की अत्याधिक भीड़ पर हाईकोर्ट ने कहा कि 60 के दशक में शहर का प्लान तैयार किया गया था आज स्थिति बदल गई है तीसरा रास्ता क्यों नहीं बनाया जा सकता। वर्तमान में मौजूद दो रास्ते पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को पुरानी सोच से बाहर आना चाहिए।

फ्लाइओवर देगा समाधान

चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा कि पीजीआईएमईआर से सारंगपुर के बीच 4 लेन का एक नया फ्लाईओवर निर्माण के लिए उपयुक्त है। इसे इस वित्तीय वर्ष के लिए मंजूर किया गया है। यह खुड्डा लोहरा के रास्ते होकर निकलेगा और ट्रैफिक जाम कम करेगा। प्रस्ताव को चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की उप-समिति के पास भेजा गया है। कोर्ट को बताया गया कि सेक्टोरियल ग्रिड के बाहर होने के चलते इससे शहरी पहचान या धरोहर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कोर्ट को बताया गया कि निर्माण कार्य करीब डेढ़ वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। सारंगपुर में लगभग 42 लाख वर्ग फुट कवर एरिया हाईकोर्ट के लिए प्रस्तावित है, जो मौजूदा आवश्यकताओं से कहीं अधिक है और आगामी 50 वर्षों तक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा। इसमें करीब 140 कोर्ट रूम बनाए जाने की योजना है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed