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Highcourt: सिद्धू की गवाही के लिए जेड प्लस सुरक्षा का खर्च नहीं उठाएगी सरकार, हाईकोर्ट ने दी वीसी की अनुमति
Sun, 30 Oct 2022 09:49 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 30 Oct 2022 09:49 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा, एक निजी विवाद में सरकारी खर्च पर किसी को गवाह की तरह लेकर जाना भी उचित नहीं है। वीसी से केस के निपटारे में तेजी आती है और सिद्धू की मांग किसी भी तरह केस को लटकाने या उसे प्रभावित करने का प्रयास नहीं लगता।
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नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को लुधियाना की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश होने की इजाजत देते हुए कहा कि उनकी जेड प्लस सुरक्षा के खर्च का बोझ सरकार पर नहीं डालना चाहिए। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले की भी आलोचना की, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि सुरक्षा सरकार मुहैया करवा देगी।
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पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों द्वारा दाखिल मानहानि के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने विस्तृत आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि लुधियाना की अदालत ने वीसी के माध्यम से पेश होने की अनुमति न देकर बड़ी गलती की है। याची को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली है और वह पटियाला की सेंट्रल जेल में बंद है। याची को लुधियाना जेड प्लस सुरक्षा के साथ ले जाने और वापस लौटने में बहुत अधिक खर्च आएगा। लुधियाना की अदालत का यह आदेश कि तो क्या, खर्च सरकार कर लेगी। यह आदेश उचित नहीं है।
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हाईकोर्ट ने कहा, एक निजी विवाद में सरकारी खर्च पर किसी को गवाह की तरह लेकर जाना भी उचित नहीं है। वीसी से केस के निपटारे में तेजी आती है और सिद्धू की मांग किसी भी तरह केस को लटकाने या उसे प्रभावित करने का प्रयास नहीं लगता। शिकायतकर्ता ने भी कभी यह पेशकश नहीं की है कि वह सिद्धू को जेड प्लस सुरक्षा में पेश करवाने का भारी खर्च उठाने को तैयार है। ऐसे में हाईकोर्ट ने सिद्धू की मांग मंजूर करते हुए उन्हें वीसी से पेश होने की अनुमति दे दी है।
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