सीएनजी किट: ऑनलाइन पंजीकरण के लिए गंभीर नहीं हरियाणा-पंजाब और चंडीगढ़, केंद्र की भी नहीं मानी
वाहनों में सीएनजी की बढ़ती मांग को देखते हुए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सीएनजी पंपों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है। तीन साल पहले की संख्या के मुकाबले तीन गुना की वृद्धि हुई है।
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वाहनों में सीएनजी किट के ऑनलाइन पंजीकरण को लेकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ गंभीर नहीं हैं। इस बाबत केंद्र के करीब ढाई साल पहले भेजे गए पत्र पर अभी तक तीनों राज्यों ने अमल नहीं किया है। इससे वाहनों में लगाई जाने वाली सीएनजी किटों का अनाधिकृत तरीके (मैन्युअल) से पंजीकरण हो रहा है। जबकि बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमत से तीनों राज्यों में सीएनजी की मांग में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है।
15 नवंबर, 2018 को केंद्र के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ सहित देश के सभी राज्यों को एक पत्र जारी किया गया था। इसमें पर्यावरण संरक्षण का जिक्र करते हुए दिल्ली की तर्ज पर सभी राज्यों को सीएनजी को बढ़ावा देने की बात कही गई थी। साथ ही राज्यों को कहा गया था कि वाहनों में सीएनजी पंजीकरण ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जाए। इस पत्र के ढाई साल बीत जाने के बाद भी राज्य सरकारों ने इस ओर कोई भी कार्य नहीं किया है, जिसके कारण राज्यों में अवैध तरीके से वाहनों में अनाधिकृत सीएनजी किट लगाई जा रही हैं। इस कारण वाहनों में दुर्घटनाओं की 70 फीसदी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। यह खुलासा हाल ही में सीएनजी आपूर्ति करने वाली विभिन्न कंपनियों के सर्वे में भी हो चुका है। इसके बाद भी राज्य इस मामले में गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं।
तीन गुना हुई सीएनजी पंपों की संख्या
वाहनों में सीएनजी की बढ़ती मांग को देखते हुए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सीएनजी पंपों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है। तीन साल पहले की संख्या के मुकाबले तीन गुना की वृद्धि हुई है। वर्तमान में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में सीएनजी के 18-20 पंप संचालित हो रहे हैं। पंजाब में सीएनजी पंपों की संख्या 50-55 और एनसीआर मिलाकर हरियाणा में 70-80 सीएनजी पंप स्थापित हो गए हैं।
2024 तक 70 प्रतिशत बढ़ेगी संख्या
केंद्र सरकार ने 2024 तक उत्तर-भारत के सभी राज्यों में सीएनजी पंपों की संख्या 70 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित अन्य उत्तर भारत के राज्यों में सीएनजी पंपों की संख्या 2024 तक 1000 के पार हो जाएगी।
वाहन स्वामियों को ये नुकसान
- अनाधिकृत किट में जल्द तकनीकी परेशानियां होने की संभावना अधिक रहती है।
- वाहन दुर्घटना में इंश्योरेंस कंपनियां स्वामी को क्लेम नहीं देती हैं।
- अनाधिकृत किट और पुराने सिलिंडर से वाहन में दुर्घटना की संभावनाएं अधिक।