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अलविदा 2016: हाईकोर्ट के फैसले, निर्देश और टिप्पणियां जो नजीर बनीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 28 Dec 2016 03:45 PM IST
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कोर्ट
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न्यायपालिका के फैसले महज आम आदमी को ही नहीं, समूचे तंत्र को प्रभावित करते हैं। साल 2016 में ऐसे ही कुछ फैसले लिए। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले, निर्देश और कुछ खास टिप्पणियां भी नजीर बनीं। इस वर्ष भी कई अहम मामले हाईकोर्ट में अपने अंजाम तक पहुंचे, तो कुछ मामलों में न्यायपालिका ने सख्ती से सरकार को काम करने के लिए मजबूर किया। हालांकि कुछ केस ऐसे रहे, जो अंजाम तक पहुंचते से रह गए। उम्मीद है कि आगामी वर्ष में हाईकोर्ट में लंबित प्रमुख मामलों पर जो फैसला आएगा, उससे जनता के मन में न्यायपालिका के प्रति विश्वास और बढ़ेगा।
कोर्ट की सख्ती के बाद चंडीगढ़ से उड़ी पहली इंटरनेशनल फ्लाइट
चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद से ही पहली उड़ान की शुरुआत का इंतजार था। अगर इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू हो पायी हैं तो उसका सबसे बड़ा योगदान हाईकोर्ट का ही है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2015 में एयरपोर्ट का उद्घाटन तो किया, पर उड़ान की शुरुआत में देरी का मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
फ्लाइट की शुरुआत में देरी पर मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्ती से सुनवाई आरंभ की और साफ कर दिया कि या तो इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू करो या फिर इस एयरपोर्ट को ताला लगा दो। अदालत ने यहां तक कहा कि 1400 करोड़ रुपये में निर्मित इस एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरू न होने के दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप देंगे। कोर्ट की यह सख्ती तो रंग लाई, लेकिन एयरपोर्ट पर सुविधाओं की कमी का मामला अब भी विचाराधीन है।
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कोर्ट की सख्ती के बाद चंडीगढ़ से उड़ी पहली इंटरनेशनल फ्लाइट
चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद से ही पहली उड़ान की शुरुआत का इंतजार था। अगर इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू हो पायी हैं तो उसका सबसे बड़ा योगदान हाईकोर्ट का ही है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2015 में एयरपोर्ट का उद्घाटन तो किया, पर उड़ान की शुरुआत में देरी का मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
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फ्लाइट की शुरुआत में देरी पर मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्ती से सुनवाई आरंभ की और साफ कर दिया कि या तो इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू करो या फिर इस एयरपोर्ट को ताला लगा दो। अदालत ने यहां तक कहा कि 1400 करोड़ रुपये में निर्मित इस एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरू न होने के दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप देंगे। कोर्ट की यह सख्ती तो रंग लाई, लेकिन एयरपोर्ट पर सुविधाओं की कमी का मामला अब भी विचाराधीन है।
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आशुतोष महाराज केस का नहीं हो सका निपटारा
आशुतोष महाराज
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज की समाधि से जुड़े विवाद पर पूरे वर्ष हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। पहले हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और संस्थान को मामले में मिलकर निर्णय लेने का मौका दिया। बावजूद इसके जब कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने का निर्णय लिया। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि सभी पक्ष अब प्रत्येक सुनवाई पर मौजूद रहें।
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में फैसला सुनाने का निर्णय लिया तो दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने बहस के लिए समय दिए जाने की अपील कर दी। हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए संस्थान पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब आगामी वर्ष में इस विवाद का हाईकोर्ट निपटारा कर देगा।
अदालत में गूंजा जाट आरक्षण और इससे जुड़े आंदोलन का मुद्दा
हरियाणा में जाटों को आरक्षण की मांग को लेकर फरवरी माह में जो हिंसक आंदोलन हुआ उससे पीड़ित लोगों ने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली। वहीं राज्य सरकार की ओर से जाटों को आरक्षण देने के निर्णय को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। जाट आंदोलन से जुड़े जो मामले कोर्ट पहुंचे उनमें सबसे चर्चित मामला मुरथल कांड था। मुरथल मामले में एसआईटी द्वारा की जा रही जांच की हाईकोर्ट लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
हाईकोर्ट के दखल के कारण ही हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के मामलों में पुलिस ने दो हजार से अधिक मामले दर्ज किए। इसके साथ ही 2066 लोग ऐसे हैं, जिनके खिलाफ बिना गिरफ्तारी के चालान पेश किया गया है। 38 मामले ऐेसे हैं, जिनमें अभी जांच चल रही है। अभी तक कुल 1632 गिरफ्तारियां हुई हैं। सुनवाई का दौर अभी भी जारी है और हरियाणा सरकार के जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है।
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में फैसला सुनाने का निर्णय लिया तो दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने बहस के लिए समय दिए जाने की अपील कर दी। हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए संस्थान पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब आगामी वर्ष में इस विवाद का हाईकोर्ट निपटारा कर देगा।
अदालत में गूंजा जाट आरक्षण और इससे जुड़े आंदोलन का मुद्दा
हरियाणा में जाटों को आरक्षण की मांग को लेकर फरवरी माह में जो हिंसक आंदोलन हुआ उससे पीड़ित लोगों ने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली। वहीं राज्य सरकार की ओर से जाटों को आरक्षण देने के निर्णय को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। जाट आंदोलन से जुड़े जो मामले कोर्ट पहुंचे उनमें सबसे चर्चित मामला मुरथल कांड था। मुरथल मामले में एसआईटी द्वारा की जा रही जांच की हाईकोर्ट लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
हाईकोर्ट के दखल के कारण ही हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के मामलों में पुलिस ने दो हजार से अधिक मामले दर्ज किए। इसके साथ ही 2066 लोग ऐसे हैं, जिनके खिलाफ बिना गिरफ्तारी के चालान पेश किया गया है। 38 मामले ऐेसे हैं, जिनमें अभी जांच चल रही है। अभी तक कुल 1632 गिरफ्तारियां हुई हैं। सुनवाई का दौर अभी भी जारी है और हरियाणा सरकार के जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है।
पंजाब सरकार को हटाने पड़े सभी मुख्य संसदीय सचिव
पंजाब सरकार
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार की ओर से नियुक्त सभी 18 मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए उन्हें पद से हटाये जाने का अहम फैसला इसी साल सुनाया। फैसले पर सरकार को तत्काल अमल करना पड़ा। पंजाब सरकार ने इसी वर्ष अन्य छह मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी, जिनकी नियुक्तियों को अलग याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई थी। सरकार ने याचिका पर फैसला आने से पहले उन्हें भी हटा दिया। हरियाणा सरकार ने जिन चार मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी, उसके खिलाफ दाखिल की गई याचिका अभी तक हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
पंजाब में नशे के कारोबार पर हाईकोर्ट रहा सख्त
पंजाब में करोड़ों के ड्रग कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हाईकोर्ट में सख्ती से सुनवाइयों का दौर जारी रहा। नतीजा यह हुआ कि पंजाब में इस वर्ष अब तक नशे की तस्करी के 5 हजार 517 मामले दर्ज किये गए। जिनमें अब तक 6 हजार 595 तस्करों की गिरफ्तारियां हुईं। इनसे 152 ऐसे सोर्स की जानकारी सामने आ रही है, जहां से नशे की खेप की सप्लाई की संभावना है। भारत-पाक सीमा पर से होने वाली नशे की तस्करी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। हाईकोर्ट पूरे मामले में जांच और कार्रवाई की निगरानी कर रहा है।
पंजाब में नशे के कारोबार पर हाईकोर्ट रहा सख्त
पंजाब में करोड़ों के ड्रग कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हाईकोर्ट में सख्ती से सुनवाइयों का दौर जारी रहा। नतीजा यह हुआ कि पंजाब में इस वर्ष अब तक नशे की तस्करी के 5 हजार 517 मामले दर्ज किये गए। जिनमें अब तक 6 हजार 595 तस्करों की गिरफ्तारियां हुईं। इनसे 152 ऐसे सोर्स की जानकारी सामने आ रही है, जहां से नशे की खेप की सप्लाई की संभावना है। भारत-पाक सीमा पर से होने वाली नशे की तस्करी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। हाईकोर्ट पूरे मामले में जांच और कार्रवाई की निगरानी कर रहा है।
सरबत खालसा और बेअदबी केस भी पहुंचा हाईकोर्ट
कीकू शारदा और राम रहीम
- फोटो : file
गत वर्ष की तरह इस वर्ष के आखिर में कई सिख संगठनों ने सरबत खालसा के आयोजन को लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर कीं। कुछ याचिकाओं में सरबत खालसा के आयोजन की मांग की गई तो कहीं कहा गया कि सरकार उनके नेताओं और कार्यकर्तायों को गलत तरीके से गिरफ्तार कर रही है। इसी प्रकार पंजाब में धार्मिक मामलों से जुड़ी बेअदबी की घटनाओं के मुद्दे पर भी सरकार को हाईकोर्ट पहुंचकर जवाब देना पड़ा।
बॉलीवुड भी हुआ हाईकोर्ट के फैसलों से प्रभावित
बॉलीवुड भी हाईकोर्ट के फैसलों से काफी हद तक प्रभावित हुआ। चर्चित फिल्म उड़ता पंजाब की रिलीज पर रोक के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने फिल्म की जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ किया और इसकी रिलीज को चुनौती देने वाली याचिका खारिज हुई।
एक्टर कीकू शारदा पर एक कार्यक्रम में डेरा मुखी की मिमिक्री करने के खिलाफ दो थानों में मामला दर्ज हुआ। हाईकोर्ट ने कीकू को राहत देते हुए उसे जमानत दी। फिल्म संता-बंता प्राइवेट लिमिटिड फिल्म के पंजाब में प्रदर्शन पर पाबंदी लगाए जाने के खिलाफ भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। नानकशाह फकीर फिल्म के खिलाफ दाखिल की गई याचिका भी इसी वर्ष वापस ले ली गई।
बॉलीवुड भी हुआ हाईकोर्ट के फैसलों से प्रभावित
बॉलीवुड भी हाईकोर्ट के फैसलों से काफी हद तक प्रभावित हुआ। चर्चित फिल्म उड़ता पंजाब की रिलीज पर रोक के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने फिल्म की जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ किया और इसकी रिलीज को चुनौती देने वाली याचिका खारिज हुई।
एक्टर कीकू शारदा पर एक कार्यक्रम में डेरा मुखी की मिमिक्री करने के खिलाफ दो थानों में मामला दर्ज हुआ। हाईकोर्ट ने कीकू को राहत देते हुए उसे जमानत दी। फिल्म संता-बंता प्राइवेट लिमिटिड फिल्म के पंजाब में प्रदर्शन पर पाबंदी लगाए जाने के खिलाफ भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। नानकशाह फकीर फिल्म के खिलाफ दाखिल की गई याचिका भी इसी वर्ष वापस ले ली गई।
पीयू की बदहाली पर हाईकोर्ट का संज्ञान
सुखना लेक को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश
- फोटो : फाइल फोटो
पंजाब यूनिवर्सिटी की बदहाल आर्थिक स्थिति पर वीसी की तरफ से दिए गए बयान पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। वीसी ने खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए पीयू के बंद होने की बात कही थी, जिस पर हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) को तत्काल ग्रांट जारी करने के आदेश दिए। पीयू के प्रोफेसरों की रिटायरमेंट पर भी हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी और 60 की आयु में रिटायर करने के सिंगल बेंच के आदेशों पर रोक लगा दी।
सुखना लेक को बचाने केलिए जजों ने खुद किया निरीक्षण
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुखना लेक के गिरते जलस्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए सुनवाई आरंभ की थी। वीड, गाद और गंदे पानी के साथ ही सुखना में पानी के गिरते जलस्तर का मुद्दा चर्चा में रहा। हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए चंडीगढ़ प्रशासन सहित पंजाब और हरियाणा को सुखना को बचाने के प्रयास करने की नसीहत दी। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आला अधिकारियों के स्तर पर बैठकों का आयोजन किया गया।
इस मामले की सुनवाई कर रहे दोनों जजों से खुद सुखना का निरिक्षण किया। सुखना में पानी लाने की संभावना को देखने के लिए भी दोनों जज खुद जाकर उन स्थानों को देखकर आए जहां से पानी आना संभावित था। फिलहाल सर्दियों को देखते हुए प्रशासन की ओर से अस्थायी तौर पर सुखना को ट्यूबवैल के जरिये भरे जाने का निर्णय लिया गया है। उम्मीद है अगले वर्ष इस मामले में कई और विकल्पों पर भी काम होगा।
सुखना लेक को बचाने केलिए जजों ने खुद किया निरीक्षण
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुखना लेक के गिरते जलस्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए सुनवाई आरंभ की थी। वीड, गाद और गंदे पानी के साथ ही सुखना में पानी के गिरते जलस्तर का मुद्दा चर्चा में रहा। हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए चंडीगढ़ प्रशासन सहित पंजाब और हरियाणा को सुखना को बचाने के प्रयास करने की नसीहत दी। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आला अधिकारियों के स्तर पर बैठकों का आयोजन किया गया।
इस मामले की सुनवाई कर रहे दोनों जजों से खुद सुखना का निरिक्षण किया। सुखना में पानी लाने की संभावना को देखने के लिए भी दोनों जज खुद जाकर उन स्थानों को देखकर आए जहां से पानी आना संभावित था। फिलहाल सर्दियों को देखते हुए प्रशासन की ओर से अस्थायी तौर पर सुखना को ट्यूबवैल के जरिये भरे जाने का निर्णय लिया गया है। उम्मीद है अगले वर्ष इस मामले में कई और विकल्पों पर भी काम होगा।