पंजाब सरकार का दावा: यूक्रेन में फंसे 75 फीसदी छात्र प्रदेश लौटे, 250 छात्रों की जल्द होगी वापसी
डॉ. राजकुमार वेरका ने बताया कि यूक्रेन में पंजाब के एक बच्चे का देहांत हो गया था, उनका पार्थिव शरीर वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री को चिठ्ठी लिखी गई है।
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पंजाब सरकार ने दावा किया है कि यूक्रेन में फंसे 75 फीसदी पंजाबी विद्यार्थियों की वापसी हो चुकी है। बचे लगभग 250 छात्रों की एक दो दिन में वापसी हो जाएगी। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ. राजकुमार वेरका ने बताया कि यूक्रेन में फंसे पंजाब के विद्यार्थियों को लेकर राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में बनी हुई है।
यूक्रेन में एक हजार से अधिक विद्यार्थी फंसे थे, जिसमें से 75 प्रतिशत विद्यार्थियों को पंजाब वापस लाया जा चुका है। बाकी बचे छात्रों की जल्द वापसी हो जाएगी। डॉ. वेरका ने बताया कि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री ने उनकी ड्यूटी लगाई है कि यूक्रेन में पंजाब से संबंधित मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और डिग्री अधूरी ना रहे इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। इसके चलते वह केंद्र सरकार के मंत्रियों के संपर्क में हैं।
पंजाब सरकार द्वारा इन पीड़ित छात्रों के लिए विशेष प्रावधान बनाने के लिए वह भारत सरकार और आईएमए से बात कर रहे हैं। बैठक में पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी, कैबिनेट मंत्री डॉ. राजकुमार वेरका, कैबिनेट मंत्री सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया, कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहडा, हरमिंदर सिंह गिल तथा कुलबीर सिंह जीरा मौजूद रहे।
पार्थिव शरीर लाने के लिए लिखी चिट्ठी
डॉ. वेरका ने बताया कि यूक्रेन में पंजाब के एक बच्चे का देहांत हो गया था, उनका पार्थिव शरीर वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री को चिठ्ठी लिखी गई है। पंजाब सरकार को उम्मीद है कि भारत सरकार इस पर गंभीरता से गौर करेगी और शव को जल्द भारत लाया जाएगा।
नदारद रहे सिद्धू
यूक्रेन संकट को लेकर आयोजित हुई पंजाब सरकार की इस अहम बैठक से कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू नदारद रहे। इससे पहले भी चुनाव के बाद हुई सरकार और संगठन की अहम बैठकों से सिद्धू गायब दिखे। इसके बाद पंजाब के सियासी गलियारों में सिद्धू को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
‘पढ़ाई छोड़कर वापस आए छात्रों की डिग्री सुनिश्चित करे केंद्र’
सांसद भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूक्रेन और सीमावर्ती इलाकों में फंसे भारतीय छात्रों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने की अपील की है। युद्ध के कारण बीच में पढ़ाई छोड़ कर भारत लौटने वाले सभी छात्रों की पढ़ाई जारी रखने और अधूरी डिग्री पूरी करने की भारत में ही व्यवस्था करने की मांग की है। भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि हजारों भारतीय छात्र, जिनमें ज्यादातर पंजाबी और हरियाणवी छात्र हैं, अभी भी यूक्रेन में फंसे हैं।
बड़ी संख्या में माता-पिता और छात्र हमसे संपर्क कर रहे हैं, जो यूक्रेन के कीव और खारकीव एवं यूक्रेन के पड़ोसी देशों हंगरी, पोलैंड, रोमानिया से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर फंसे हैं। इतनी बड़ी संख्या में मिल रही शिकायतों से स्पष्ट है कि भारत सरकार और खासकर भारतीय दूतावास अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे हैं। ऐसी संवेदनशील स्थिति में यूक्रेन के सीमावर्ती देश पोलैंड, हंगरी, बेलारूस, रूस आदि में स्थित भारतीय दूतावासों को दिन-रात एक कर सभी भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए थी लेकिन बेहद दुर्भाग्य की बात है कि भारतीय विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों के बीच समन्वय ठीक से नहीं हो रहा है, जिसका खामियाजा भारतीय छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।